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महाराष्ट्र में फिर बारिश का अलर्ट, इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

30 सितंबर 2026 महाराष्ट्र में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने नया अनुमान जारी किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार सांगली जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कोल्हापुर, सतारा, पुणे और सोलापुर में येलो अलर्ट बताया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार करीब 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिजली चमकने और मेघगर्जना की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

किसानों के लिए क्यों अहम है मौसम का यह बदलाव

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस साल बारिश का वितरण असमान रहा है। कृषि विभाग के आकलन के अनुसार 1 जून से 27 सितंबर के बीच राज्य के 19 जिलों में औसत के मुकाबले 50 से 75 प्रतिशत तक ही बारिश दर्ज हुई। इनमें नंदुरबार, सोलापुर, लातूर, कोल्हापुर, अमरावती, परभणी, अकोला, बीड और धाराशिव जैसे जिले शामिल हैं।

बारिश में लंबे अंतराल का असर खरीफ फसलों पर भी पड़ने की आशंका जताई गई है। सोयाबीन, मूंग, उड़द, कपास, तूर, मक्का और ज्वार जैसी फसलों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कई जिलों में बारिश की कमी

कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नंदुरबार में औसत का करीब 50.4 प्रतिशत, सोलापुर में 51.6 प्रतिशत, कोल्हापुर में 51.7 प्रतिशत और लातूर में 52.5 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई। अमरावती में 57.1 प्रतिशत, परभणी में 58.1 प्रतिशत, अकोला में 62 प्रतिशत, वाशिम में 62.5 प्रतिशत, धाराशिव में 62.7 प्रतिशत और बीड में 63 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।

फसलों पर भी पड़ा असर

परभणी और धाराशिव जैसे जिलों में बारिश में लंबे अंतराल के कारण कई इलाकों में फसलों की स्थिति असंतोषजनक बताई गई है। मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी बारिश की कमी दर्ज हुई है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान पर बनी हुई है।

किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान किसानों को खेतों में खुले स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका के समय पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना जरूरी है। मौसम में अचानक बदलाव होने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना भी महत्वपूर्ण है।

आने वाले दिनों में बारिश पर नजर

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय बारिश का वितरण एक समान नहीं है। कुछ जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है, जबकि कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के नए पूर्वानुमान के मुताबिक सांगली में ऑरेंज अलर्ट और कोल्हापुर, सतारा, पुणे व सोलापुर में येलो अलर्ट किसानों और स्थानीय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मौसम संकेत हैं।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में मौसम एक बार फिर बदल रहा है। सांगली में ऑरेंज अलर्ट और कोल्हापुर, सतारा, पुणे व सोलापुर में येलो अलर्ट के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। बारिश की कमी से जूझ रहे कुछ जिलों के किसानों के लिए यह बारिश राहत दे सकती है, लेकिन तेज हवा और बिजली गिरने के जोखिम को देखते हुए सावधानी जरूरी है।

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