30 सितंबर 2026 त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ गई है, लेकिन लुधियाना का खाद्य सुरक्षा विभाग सीमित संसाधनों के बीच काम कर रहा है। पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग के पास केवल चार Food Safety Officers (FSOs) हैं और उनके लिए सिर्फ एक वाहन उपलब्ध है। संसाधनों की कमी के कारण अधिकारियों को एक ही दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी करने में परेशानी हो रही है।
छह जोन के लिए सिर्फ चार खाद्य सुरक्षा अधिकारी
लुधियाना जिले को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए छह जोन में बांटा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन जोन की निगरानी के लिए फिलहाल केवल चार Food Safety Officers तैनात हैं। इनमें से एक अधिकारी के पास मोगा का अतिरिक्त प्रभार भी है।
ऐसे में पूरे जिले में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग और निरीक्षण की जिम्मेदारी सीमित अधिकारियों पर है। विभाग के अनुसार, प्रत्येक जोन में कम से कम एक से दो Food Safety Officers की जरूरत होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में उपलब्ध स्टाफ इससे काफी कम है।
एक ही वाहन होने से अलग-अलग दिन करनी पड़ रही जांच
सबसे बड़ी समस्या अधिकारियों के पास उपलब्ध वाहनों की है। पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के लिए केवल एक वाहन उपलब्ध है। इसके चलते अगर एक अधिकारी वाहन लेकर निरीक्षण के लिए निकलता है तो दूसरे अधिकारियों को उसके वापस आने का इंतजार करना पड़ता है।
इसी वजह से चारों अधिकारियों ने अलग-अलग दिनों में फील्ड निरीक्षण और छापेमारी करने का कार्यक्रम तय किया है। यानी सभी अधिकारी एक साथ अलग-अलग इलाकों में जाकर कार्रवाई नहीं कर सकते।
त्योहारों के मौसम में मिलावट की चुनौती
रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी के बाद अब नवरात्रि का त्योहार आने वाला है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी राज्यों से मिलावटी खोया आने की समस्या भी विभाग के सामने रहती है। पंजाब सरकार ने एनालॉग पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया है और इस प्रतिबंध को लागू कराने के लिए छापेमारी की जा रही है।
VIP ड्यूटी के दौरान भी रुक जाती है कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की परेशानी सिर्फ वाहन और स्टाफ की कमी तक सीमित नहीं है। VIP दौरे के दौरान भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को ड्यूटी पर लगाया जाता है।
ऐसी ड्यूटी में District Health Officer, Food Safety Officer और एक Class IV कर्मचारी शामिल होते हैं। चूंकि टीम के आने-जाने के लिए भी वही एक वाहन इस्तेमाल होता है, इसलिए VIP ड्यूटी के दौरान नियमित छापेमारी और निरीक्षण प्रभावित हो जाते हैं।
सैंपल लेने के लिए भी एक कर्मचारी पर निर्भरता
खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने की प्रक्रिया में भी विभाग के पास सीमित मानव संसाधन हैं। विभाग के पास केवल एक Class IV कर्मचारी है, जो अधिकारियों के साथ सैंपल एकत्र करने में मदद करता है।
सैंपल लेने के बाद उन्हें जांच के लिए खरड़ स्थित लैब में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी इसी कर्मचारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी अनुपस्थिति में सैंपल कलेक्शन का काम नहीं किया जाता। इससे फील्ड स्तर पर खाद्य सुरक्षा जांच की गति प्रभावित हो सकती है।
विभाग ने अधिक स्टाफ की जरूरत बताई
District Health Officer और Food Safety Wing के प्रभारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि छह जोन के लिए चार Food Safety Officers उपलब्ध हैं और उनके पास अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अधिकारी अपना काम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन काम को तेज करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत है।
त्योहारों से पहले जांच व्यवस्था पर सवाल
त्योहारों के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने के साथ ही नियमित सैंपलिंग और निरीक्षण की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे में एक वाहन और सीमित अधिकारियों के सहारे पूरे जिले में प्रभावी निगरानी करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
लुधियाना जैसे बड़े जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में समय पर पहुंचने के लिए पर्याप्त वाहन और स्टाफ उपलब्ध होना खाद्य सुरक्षा जांच को तेज करने में मदद कर सकता है।
