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ड्रग नेटवर्क और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए AIG प्रज्ञा जैन को मिला गृह मंत्री का मेडल, पंजाब की पहली महिला पुलिस अधिकारी बनीं

4 नवंबर 2026 :  पंजाब पुलिस की अधिकारी प्रज्ञा जैन को संगठित अपराध, गैंगस्टरों और नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक (Kendriya Grihmantri Dakshata Padak) से सम्मानित किया गया है। वह इस सम्मान को पाने वाली पंजाब पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। 2017 बैच की IPS अधिकारी प्रज्ञा जैन वर्तमान में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (AIG) काउंटर इंटेलिजेंस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के पद पर तैनात हैं।

देशभर के 490 अधिकारियों को मिला सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक वर्ष 2026 के लिए देशभर के 490 पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों को प्रदान किया गया है। इनमें पंजाब पुलिस के 37 अधिकारी शामिल हैं। यह सम्मान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के कर्मचारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए दिया जाता है।

यह पदक वर्ष 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में उत्कृष्ट ऑपरेशन, महत्वपूर्ण जांच, असाधारण कार्य प्रदर्शन, साहसिक खुफिया सेवाओं और फॉरेंसिक विज्ञान में सराहनीय योगदान को मान्यता देना है।

ड्रग सिंडिकेट और गैंगस्टरों के खिलाफ की कार्रवाई

प्रज्ञा जैन को यह सम्मान नशा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने, अवैध हथियारों की बरामदगी और पाकिस्तान से जुड़े नशीले पदार्थों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने जैसे अभियानों में उनकी भूमिका के लिए मिला है।

अपने पुलिस करियर के दौरान उन्होंने बरनाला, खन्ना, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फाजिल्का और फरीदकोट में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं। इन जिलों में उनकी टीमों ने नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

बरनाला में 2.88 करोड़ नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद

प्रज्ञा जैन ने बताया कि बरनाला में ASP के रूप में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान उनकी टीम ने एक बड़ी फार्मास्युटिकल ड्रग जांच में करीब 2.88 करोड़ आदत डालने वाली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए थे। इनकी अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई थी।

लुधियाना में तैनाती के दौरान भी उनकी टीम ने 60 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। वहीं, खन्ना में करीब 200 अवैध हथियारों की बरामदगी की गई।

फरीदकोट की SSP रहते हुए सितंबर 2025 में पुलिस ने एक दिन में 12.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसे जिले में एक दिन में हुई सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी बताया गया था।

सात साल तक दिल्ली में चलाया क्लीनिक

उत्तर प्रदेश के बड़ौत की रहने वाली प्रज्ञा जैन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी अलग रही है। उन्होंने बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) की डिग्री हासिल की है। IPS बनने से पहले वह दिल्ली में करीब सात साल तक अपना क्लीनिक चलाती थीं।

उन्होंने वर्ष 2016 में UPSC परीक्षा पास की और वर्ष 2017 बैच की IPS अधिकारी बनीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा में अलग-अलग पदों पर काम करते हुए अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

टीम और वरिष्ठ अधिकारियों को दिया सम्मान का श्रेय

प्रज्ञा जैन ने सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उन्हें और उनकी टीम को नशा तथा आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने इस सम्मान का श्रेय पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव, ADGP (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, IG काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी और अपनी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से उन्हें अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाने की ताकत मिली है।

प्रज्ञा जैन को मिला यह सम्मान पंजाब पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ उनकी टीम की कार्रवाई को राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस मान्यता से पुलिस विभाग में उनके योगदान को पहचान मिली है।

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