28 अक्तूबर 2026: सिख धर्म के चौथे गुरु, श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में लाखों श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुंचे। इस पावन अवसर पर गुरुघर में माथा टेकने और गुरु साहिब का आशीर्वाद लेने के लिए संगत की बड़ी भीड़ उमड़ी।
गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु अमृतसर पहुंचते हैं और गुरुद्वारों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। स्वर्ण मंदिर में संगत की मौजूदगी इस पर्व के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा को दर्शाती है।
प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर में जुटी संगत
प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर अरदास की। बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने से परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का अवसर होता है।
श्री हरमंदिर साहिब सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन गुरु साहिबान के प्रकाश पर्व जैसे विशेष अवसरों पर संगत की संख्या और बढ़ जाती है।
कौन थे श्री गुरु रामदास जी?
श्री गुरु रामदास जी सिख धर्म के चौथे गुरु थे। उनका जीवन सेवा, विनम्रता, भक्ति और मानवता के प्रति समर्पण की शिक्षाओं से जुड़ा है। सिख परंपरा में उनके योगदान को विशेष सम्मान के साथ याद किया जाता है।
गुरु रामदास जी का नाम अमृतसर के इतिहास से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके समय में इस नगर के विकास को महत्वपूर्ण दिशा मिली। आज अमृतसर सिख धर्म का प्रमुख धार्मिक केंद्र है और श्री हरमंदिर साहिब दुनिया भर की संगत के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धा और सेवा का संदेश
प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। सिख परंपरा में संगत और सेवा को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे अवसरों पर श्रद्धालु गुरुद्वारों में माथा टेकने के साथ-साथ सेवा और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से भी अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
अमृतसर में प्रकाश पर्व के अवसर पर जुटी संगत ने एक बार फिर सिख धर्म की समृद्ध परंपरा और गुरु साहिब के प्रति लोगों की गहरी आस्था को सामने रखा।
धार्मिक आयोजन का विशेष महत्व
श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का पहुंचना इस दिन के धार्मिक महत्व को दर्शाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में श्रद्धालुओं की आधिकारिक संख्या, कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण और प्रशासन की ओर से किए गए विशेष प्रबंधों की जानकारी शामिल नहीं है।
