28 अक्तूबर 2026: चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसका असर खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने लोगों और किसानों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पूर्वांचल के इन जिलों में ज्यादा सतर्कता की जरूरत
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार 28 अक्टूबर को प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इनमें कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
गुरुवार को इन जिलों में बारिश और वज्रपात का खतरा
गुरुवार, 29 अक्टूबर को मौसम का असर कई अन्य जिलों तक फैल सकता है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुलतानपुर सहित कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के साथ कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग जिलों के लिए चेतावनी का स्तर और बारिश की तीव्रता समय के साथ बदल सकती है। लोगों को अपने जिले का ताजा मौसम बुलेटिन देखना चाहिए।
30 अक्टूबर को अवध और तराई तक दिख सकता है असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को पूर्वांचल, अवध और तराई क्षेत्र के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रह सकती है। बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी मौसम प्रभावित होने का अनुमान है।
बारिश और बादलों के कारण अधिकतम तापमान में लगभग 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो सकता है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में भी 29 से 31 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
आंधी और बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, खेतों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए। बिजली कड़कने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहना जरूरी है। सुरक्षित रहने के लिए पक्के भवन के भीतर शरण लें और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
किसानों को भी फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना और मौसम की चेतावनी के अनुसार काम की योजना बनाना उपयोगी रहेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
चक्रवात ‘अर्णब’ का प्रभाव उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में पड़ने का अनुमान है। पूर्वांचल के जिलों में शुरुआती सतर्कता जरूरी है, जबकि अगले दिनों में अवध, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी ताजा चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
