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पटियाला में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन का आगाज, युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर

8 सितंबर 2026:  पंजाब सरकार की प्रमुख खेल पहल ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन का पटियाला में भी आगाज हो गया है। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में पटियाला के विधायक अजीत पाल सिंह कोहली ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस मौके पर पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, खेल प्रेमी और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

युवाओं में खेलों को लेकर उत्साह

उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक अजीत पाल सिंह कोहली ने कहा कि पंजाब ने देश और दुनिया को कई नामी खिलाड़ी दिए हैं। राज्य के युवाओं में खेल प्रतिभा और उत्साह की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही मंच, बेहतर सुविधाएं और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराने की है।

उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेलों से जुड़ने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है।

नशे और बुरी आदतों से दूर रखने में खेलों की भूमिका

विधायक कोहली ने खेलों को युवाओं को नशे, बुरी आदतों और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अगर युवा खेल गतिविधियों से जुड़े रहें तो उनके लिए स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ जैसे आयोजनों के माध्यम से गांवों और शहरों में मौजूद खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। इससे स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

पटियाला का खेलों से पुराना रिश्ता

मेयर कुंदन गोगिया ने कहा कि पटियाला का खेलों से पुराना और गौरवशाली संबंध रहा है। शहर ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जन्म दिया है और खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि पटियाला में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन का आगाज होना शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल की सराहना की।

चौथे सीजन में करीब 10 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी

पंजाब सरकार के अनुसार, इस साल ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन में करीब 10 लाख खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिताओं को अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया है, जिससे युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ अधिक उम्र के लोग भी खेलों में भाग ले सकें।

इस सीजन में कुल 38 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा चार पैरा-स्पोर्ट्स को भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया गया है। इनमें एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।

14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ी

इस बार प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है। सरकार के मुताबिक नौ आयु वर्गों में 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक उम्र तक के प्रतिभागी शामिल होंगे।

इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धात्मक खेलों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को खेल गतिविधियों से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले कहा था कि इन खेलों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के लोगों ने भी हिस्सा लिया है।

ब्लॉक से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के मुकाबले ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार राज्य के सभी 153 ब्लॉकों में खेल गतिविधियां होंगी, जबकि सभी 23 जिलों में जिला स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर के मुकाबले 16 जिलों में कराए जाएंगे।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ऐसे खिलाड़ी, जिन्हें बड़े खेल मंचों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता, वे इन प्रतियोगिताओं के जरिए आगे बढ़ सकते हैं।

खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार भी

राज्य सरकार ने इस सीजन के राज्य स्तरीय मुकाबलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कारों की भी घोषणा की है। स्वर्ण पदक विजेता को ₹10,000, रजत पदक विजेता को ₹7,000 और कांस्य पदक विजेता को ₹5,000 दिए जाने की जानकारी सरकार की ओर से दी गई है।

इसके अलावा प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पहली बार QR कोड आधारित पंजीकरण सुविधा शुरू की गई है। खिलाड़ियों को पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करने की सुविधा दी गई है।

खेलों के जरिए प्रतिभा तलाशने पर जोर

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का उद्देश्य राज्य के गांवों, कस्बों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। प्रतियोगिताओं के जरिए खिलाड़ियों को जिला और राज्य स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का मंच मिलता है।

सरकार का कहना है कि खेलों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

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