• Wed. Oct 21st, 2026

हरियाणा के कैथल में सरकारी पेयजल पाइपलाइन चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, 7.50 लाख रुपये की 110 पाइप बरामद, एक और आरोपी गिरफ्तार

21 अक्तूबर 2026:  हरियाणा के कैथल जिले में सरकारी पेयजल पाइपलाइन की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल ने कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलवल जिले के बरौका गांव निवासी तालीम के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की 110 पाइप बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7.50 लाख रुपये बताई गई है। इससे पहले पुलिस इस मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर 10 पाइप और वारदात में इस्तेमाल किया गया कैंटर भी बरामद कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, अब चोरी की गई सभी 120 पाइप बरामद कर ली गई हैं।

गांव रसूलपुर में बिछाई जानी थी पेयजल पाइपलाइन

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांव बरटा निवासी कुलदीप सिंह पिछले करीब 15 वर्षों से जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार के रूप में काम कर रहे हैं। विभाग की ओर से उन्हें कैथल जिले के गांव रसूलपुर में लगभग सात किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाने का ठेका दिया गया था। इस परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार ने आवश्यक पाइप गांव में भिजवा दिए थे।

योजना के अनुसार, इन पाइपों की मदद से गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जानी थी। इसके लिए मजदूरों की जरूरत थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने ठेकेदार से संपर्क कर मजदूर उपलब्ध कराने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, इसी घटनाक्रम के बाद पाइप चोरी की वारदात सामने आई।

मजदूर उपलब्ध कराने के बहाने संपर्क करने का आरोप

शिकायत के अनुसार, पांच मई को निजामुद्दीन नाम के व्यक्ति ने ठेकेदार कुलदीप सिंह को फोन किया था। उसने पाइपलाइन बिछाने के काम के लिए मजदूरों की व्यवस्था करने की बात कही। इसके बाद उसने तीन मजदूर गांव रसूलपुर भेज दिए। इन मजदूरों ने वहां करीब तीन दिन तक पाइपलाइन बिछाने का काम किया।

आरोप है कि 15 मई की रात निजामुद्दीन और उसके साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से पाइपों को कैंटर में लोड किया और उन्हें चोरी कर लिया। अगले दिन ग्रामीणों ने ठेकेदार को पाइप चोरी होने की जानकारी दी। इसके बाद ठेकेदार ने संबंधित लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन बंद मिले।

स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर सीवन थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

एंटी नारकोटिक सेल ने संभाली जांच

मामले की जांच कैथल पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल को सौंपी गई। पुलिस टीम ने जांच के दौरान आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई और चोरी की गई पाइपों की बरामदगी के प्रयास शुरू किए।

पुलिस की जांच टीम में सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई, जबकि एएसआई जसमेर सिंह भी जांच प्रक्रिया में शामिल रहे। जांच के दौरान पुलिस ने पलवल जिले के बरौका गांव निवासी तालीम को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ और कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी की 110 पाइप बरामद हुईं। इन पाइपों की अनुमानित कीमत करीब 7.50 लाख रुपये बताई गई है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी से 10 पाइप और वारदात में इस्तेमाल कैंटर बरामद किया जा चुका था।

चोरी की सभी 120 पाइप बरामद

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में चोरी की गई सभी 120 पाइप बरामद होने की जानकारी सामने आई है। यह बरामदगी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये पाइप सरकारी पेयजल परियोजना के लिए मंगवाई गई थीं और इनका इस्तेमाल गांव में पानी की आपूर्ति से संबंधित बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए किया जाना था।

सरकारी परियोजनाओं के लिए खरीदी गई सामग्री की चोरी से न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि संबंधित विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। हालांकि, इस मामले में पाइपलाइन परियोजना के काम पर कितना असर पड़ा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।

पुलिस की जांच का मुख्य आधार ठेकेदार की शिकायत, पाइपों की बरामदगी और आरोपियों से जुड़ी जानकारी है। मामले में जिन व्यक्तियों पर चोरी में शामिल होने का आरोप है, उनके संबंध में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

कैथल के गांव रसूलपुर में हुई यह घटना सरकारी विकास कार्यों के लिए भेजी जाने वाली निर्माण सामग्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। पेयजल पाइपलाइन जैसी परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में निर्माण सामग्री की चोरी से परियोजनाओं की लागत और कामकाज प्रभावित होने का जोखिम रहता है।

फिलहाल पुलिस ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की सभी 120 पाइप बरामद करने की जानकारी दी है। करीब 7.50 लाख रुपये की सरकारी पाइपों की बरामदगी को इस मामले में अहम कार्रवाई माना जा रहा है। आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेशों के अनुसार जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *