6 सितंबर 2026 जालंधर को स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की कोशिशों के बीच शहर का एक प्रमुख तकनीकी संस्थान खुद अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। पंजाब का एकमात्र Government Institute of Leather and Footwear Technology (GILFT) शिक्षकों की भारी कमी, कम छात्र संख्या और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहा है। संस्थान का उद्देश्य लेदर, फुटवियर और स्पोर्ट्स गुड्स उद्योग के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, लेकिन मौजूदा स्थिति इस लक्ष्य के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।
19 पदों के मुकाबले सिर्फ 2 नियमित शिक्षक
नकोदर रोड स्थित इस संस्थान में 19 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो नियमित शिक्षक, जिनमें प्रिंसिपल भी शामिल हैं, कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार, संस्थान में आखिरी नियमित शिक्षक की नियुक्ति 2020 में हुई थी। इसके बाद नियमित भर्ती नहीं होने और कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण शिक्षकों की संख्या लगातार कम होती गई।
शिक्षकों की कमी का सीधा असर पढ़ाई और छात्रों के प्रवेश पर भी पड़ रहा है। संस्थान में फिलहाल केवल 25 छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि यहां 120 सीटें उपलब्ध हैं।
लेदर और फुटवियर टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा
Government Institute of Leather and Footwear Technology की स्थापना 1934 में हुई थी। यह पंजाब के सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में से एक है। संस्थान तीन वर्षीय डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों के जरिए लेदर और फुटवियर टेक्नोलॉजी की शिक्षा देता है।
संस्थान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में लेदर एवं फुटवियर उद्योग के लिए तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करना है। साथ ही इसे जालंधर के लेदर और स्पोर्ट्स गुड्स क्लस्टर के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है।
विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
संस्थान में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान स्थिति में नियमित कक्षाओं के संचालन के लिए सहायक लाइब्रेरियन और पार्ट-टाइम फोरमैन की मदद ली जा रही है।
वहीं, आधुनिक उद्योग में जहां तकनीक, ऑटोमेशन और आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं की मांग बढ़ रही है, संस्थान में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के लिए सीमित और पुराने उपकरणों पर निर्भरता चिंता का विषय बनी हुई है।
इमारत और बुनियादी ढांचे को भी मरम्मत की जरूरत
संस्थान की समस्या केवल शिक्षकों और छात्रों की संख्या तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, भवन के कई हिस्सों को मरम्मत की आवश्यकता है और विशेष रूप से प्रशासनिक ब्लॉक की स्थिति खराब बताई गई है। ऐसे में आधुनिक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप संस्थान को विकसित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
दूसरी ओर बढ़ रहे हैं जालंधर के एक्सपोर्ट अवसर
यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब जालंधर के स्पोर्ट्स गुड्स, फुटवियर और लेदर उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद भारतीय स्पोर्ट्स गुड्स, फुटवियर और लेदर उत्पादों पर टैरिफ को शून्य किया गया है। भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता भी इस क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
ऐसे में स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारियों की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस हो सकती है। लेकिन जालंधर में इस क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया सरकारी संस्थान ही पर्याप्त स्टाफ के अभाव में संघर्ष कर रहा है।
उद्योग को स्थानीय स्तर पर नहीं मिल रहा पर्याप्त कुशल स्टाफ
स्थानीय उद्योग से जुड़े लोगों ने भी संस्थान की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। एक निर्यातक के अनुसार, स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ कार्यबल की कमी के कारण उन्हें कोलकाता जैसे दूसरे शहरों से प्रशिक्षित कर्मचारियों को बुलाना पड़ता है। इससे यह सवाल भी उठता है कि अगर जालंधर में ही लेदर और फुटवियर टेक्नोलॉजी का सरकारी संस्थान मौजूद है, तो उसका पूरा लाभ उद्योग और युवाओं को क्यों नहीं मिल पा रहा।
संस्थान में नई सुविधाएं विकसित करने की तैयारी
हालांकि, संस्थान को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के प्रयास भी चल रहे हैं। जनवरी में GILFT ने मेरठ स्थित Process and Product Development Centre (PPDC) के साथ समझौता किया था। इसके तहत संस्थान में करीब 10 करोड़ रुपये की Sports Technology Extension Centre स्थापित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा जून में पंजाब सरकार ने Footwear Design and Development Institute (FDDI) के साथ जालंधर में प्रस्तावित स्पोर्ट्स गुड्स टेस्टिंग लैब के लिए समझौता किया। यह लैब अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन की जरूरतों को पूरा करने में उद्योग की मदद कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित स्पोर्ट्स लैब को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
भर्ती नियमों में बदलाव की तैयारी
पंजाब के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त निदेशक रविंदर हुंडल के अनुसार, विशेष ट्रेडों के लिए भर्ती और सेवा नियमों में संशोधन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और संस्थान में स्टाफ की कमी को दूर करना है।
जालंधर के युवाओं के लिए बड़ा अवसर बन सकता है संस्थान
जालंधर पहले से ही स्पोर्ट्स गुड्स और लेदर उद्योग के लिए जाना जाता है। ऐसे में अगर GILFT को पर्याप्त शिक्षक, आधुनिक मशीनरी, बेहतर लैब और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाता है, तो यह संस्थान स्थानीय युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
खासकर जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जालंधर के उत्पादों के लिए नए अवसर बन रहे हैं, तब स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत कर सकती है।
