22 सितंबर 2026: पंजाब में धान की सरकारी खरीद का सीजन शुरू होने से पहले ही जालंधर जिले की अनाज मंडियों में धान की शुरुआती आवक शुरू हो गई है। जिले की कई मंडियों में किसान शुरुआती किस्म का धान लेकर पहुंचने लगे हैं। हालांकि, सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी है
अब तक करीब 3,000 क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा
रिपोर्ट के मुताबिक जालंधर जिले की मंडियों में अब तक करीब 3,000 क्विंटल धान पहुंच चुका है। शुरुआती आवक होने के बावजूद फिलहाल सरकारी स्तर पर इसकी खरीद शुरू नहीं हुई है। किसानों को निर्धारित खरीद प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
धान की यह शुरुआती आवक सामान्य खरीद सीजन से पहले हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि कुछ किसानों ने कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों की पहले बुवाई की थी, जिसके चलते फसल सामान्य समय से पहले पककर तैयार हो गई।
PR 126 की वजह से जल्दी पहुंची फसल
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल एग्रोनॉमिस्ट (राइस) डॉ. बूटा सिंह ढिल्लों के अनुसार, मंडियों में शुरुआती तौर पर पहुंच रहा धान मुख्य रूप से PR 126 किस्म का है। यह कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों में शामिल है।
उन्होंने बताया कि PAU की ओर से PR 126 की बुवाई करीब 25 जून के आसपास करने की सिफारिश की जाती है, ताकि फसल लगभग 1 अक्टूबर तक तैयार हो सके। जिन किसानों ने इस किस्म की बुवाई निर्धारित समय से पहले की, उनकी फसल भी पहले तैयार हो गई और अब मंडियों में इसकी आवक शुरू हो गई है।
किसान अगली फसल के लिए खाली कर रहे खेत
धान की जल्दी कटाई का एक कारण किसानों की अगली फसल की तैयारी भी है। जिन किसानों की PR 126 फसल जल्दी तैयार हो गई है, वे खेत खाली करके अगली फसल की बुवाई के लिए जमीन तैयार करना चाहते हैं।
धान की कटाई और अगली फसल की बुवाई के बीच समय का प्रबंधन पंजाब के किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए कुछ किसान जल्दी तैयार होने वाली किस्मों की कटाई के बाद जल्द से जल्द मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं।
जालंधर जिले में 79 मंडियां खरीद के लिए तैयार होंगी
आगामी खरीद सीजन के दौरान जालंधर जिले में 79 मंडियों में धान की सरकारी खरीद की जाएगी। अभी शुरुआती आवक सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में फसल पकने के साथ मंडियों में धान की मात्रा बढ़ने की संभावना है।
सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने के बाद मंडियों में किसानों की संख्या और धान की आवक दोनों बढ़ सकती हैं। ऐसे में मंडी प्रबंधन, खरीद एजेंसियों और उठान व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
सरकारी खरीद शुरू होने का किसानों को इंतजार
फिलहाल शुरुआती तौर पर मंडियों में पहुंच रहे किसानों को सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर से खरीद शुरू होनी है। शुरुआती आवक और आधिकारिक खरीद की तारीख के बीच अंतर होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
धान की सरकारी खरीद के दौरान किसानों के लिए मंडियों में उचित व्यवस्था, समय पर तौल, खरीद और उठान महत्वपूर्ण रहता है। जैसे-जैसे आवक बढ़ेगी, मंडियों पर दबाव भी बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है धान की आवक
जालंधर में अभी धान की शुरुआती आवक शुरू हुई है। PR 126 जैसी जल्दी तैयार होने वाली किस्मों की कटाई के बाद आने वाले दिनों में अन्य किस्मों की फसल भी मंडियों में पहुंचनी शुरू हो सकती है।
इससे धान खरीद सीजन की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने की उम्मीद है। किसानों, आढ़तियों और खरीद एजेंसियों की नजर अब 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली सरकारी खरीद पर है।
