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जालंधर निगम की चेतावनी, 15 दिन में नहीं हुआ काम तो 1 लाख का चालान

जालंधर 30 अप्रैल 2025 : नगर निगम के मॉडल टाऊन के वार्ड नंबर 33 को शहर का पहला मॉडल वार्ड बनाने के फैसले पर अमल शुरू हो गया है। पार्षद अरुण अरोड़ा ने इस दिशा में कदम उठाते हुए वार्ड में खाली पड़े प्लॉटों और बंद दुकानों की सूची तैयार की है, जहां कूड़ा-कर्कट और गंदगी जमा है। उन्होंने बताया कि खाली प्लॉटों और बंद दुकानों के सामने सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, प्लॉटों के अंदर की सफाई मालिकों को खुद करानी होगी। यदि 15 दिन में सफाई नहीं हुई, तो यह सूची नगर निगम को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद चालान काटे जाएंगे। पार्षद अरुण अरोडा ने मॉडल टाउन मार्केट में लंबे समय से बंद पड़ी एक दुकान के सामने सफाई करवाकर इस अभियान की शुरुआत की।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट नियम लागू करने में देरी कर रहा निगम

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट रूल्स 2016 को लागू करने के लिए जालंधर नगर निगम ने कूड़ा उठाने और गंदगी फैलाने के नए जुर्माना रेट तय किए थे जिन्हें मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था। मंजूरी के बावजूद निगम इन्हें लागू करने हेतु सख्ती नहीं कर रहा । हैरानी की बात यह रही कि 10-12 लाख की आबादी वाले शहर में इन प्रस्तावित रेटों पर किसी नागरिक ने आपत्ति भी दर्ज नहीं करवाई ।

नए नियमों में गंदगी फैलाने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान

– गली, सड़क या पार्क में गंदगी फैलाने पर पहली बार 1,000 रुपये, दूसरी बार 2,000 रुपए का जुर्माना।
– प्राइवेट खाली प्लॉट में गंदगी फेंकने पर 1,000 से 2,000 रुपए।
– खाली प्लॉट में गंदगी मिलने पर पहली बार 25,000 रुपए, इसके बाद 50,000 से 1 लाख रुपए तक का जुर्माना।

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