22 सितंबर 2026: पंजाब के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी Jagsher Singh Khangurra ने कड़ी मेहनत और वर्षों के त्याग के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी जगह बना ली है। नाभा से ताल्लुक रखने वाले Jagsher अब भारत की ओर से World Junior Badminton Championships में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह प्रतियोगिता 5 से 17 अक्टूबर तक मिस्र के काहिरा में आयोजित होगी।
11 साल की उम्र में घर से दूर जाना पड़ा
Jagsher जब केवल 11 साल के थे, तब उनके माता-पिता ने उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगी माहौल देने के लिए पंजाब से बाहर भेजने का कठिन फैसला लिया। वह नाभा से दिल्ली के पास बहादुरगढ़ स्थित एक बैडमिंटन अकादमी पहुंचे।
उनके माता-पिता Manpreet Singh और Rashpal Kaur दोनों सरकारी स्कूलों में शिक्षक हैं। बेटे को इतनी कम उम्र में घर से दूर भेजना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्हें लगा कि उच्च स्तर की ट्रेनिंग के लिए यह कदम जरूरी है।
7 साल की उम्र में थामा था बैडमिंटन रैकेट
Jagsher ने महज सात साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। उनके पिता उन्हें नियमित रूप से नाभा से पटियाला प्रशिक्षण के लिए लेकर जाते थे। परिवार में पहले किसी ने पेशेवर खेलों में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन Jagsher की प्रतिभा और खेल के प्रति लगन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया।
वह वर्ष 2019 से राज्य चैंपियन बने हुए हैं। शुरुआती दौर में उनके कोच Suresh Kumar ने उनकी क्षमता को पहचाना और परिवार को सलाह दी कि अगर Jagsher को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है तो उन्हें पंजाब से बाहर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण लेना चाहिए।
बहादुरगढ़ से मुंबई और फिर बेंगलुरु तक सफर
11 साल की उम्र में बहादुरगढ़ जाने के बाद Jagsher ने 14 साल की उम्र में मुंबई का रुख किया। वहां उन्होंने करीब एक साल प्रशिक्षण लिया। इसके बाद पिछले दो वर्षों से वह बेंगलुरु स्थित Centre for Badminton Excellence में ट्रेनिंग कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी छह पदक अपने नाम किए। उनकी लगातार प्रगति ने उन्हें भारतीय जूनियर बैडमिंटन के उभरते खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।
परिवार से दूर रहना आसान नहीं था
कम उम्र में घर छोड़ना Jagsher के लिए भी भावनात्मक रूप से आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वह 11 साल की उम्र में बाहर गए, तब वहां कई अच्छे खिलाड़ी मौजूद थे। उन्होंने अपने से वरिष्ठ खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते और बेहतर प्रदर्शन करते देखा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
उनके माता-पिता भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए लगभग हर सप्ताहांत दिल्ली जाते थे। वे Jagsher की ट्रेनिंग देखते और यह सुनिश्चित करते कि वह नए माहौल में खुद को सहज महसूस कर रहे हैं।
सुबह 5:30 बजे से शुरू होता है दिन
Jagsher की जिंदगी अब सख्त ट्रेनिंग रूटीन के इर्द-गिर्द घूमती है। उनका दिन सुबह करीब 5:30 बजे योग से शुरू होता है। इसके बाद नाश्ता करने के बाद बैडमिंटन ट्रेनिंग होती है।
दोपहर के भोजन के बाद करीब दो घंटे आराम करने के बाद वह फिटनेस सेशन में हिस्सा लेते हैं। इसके बाद फिर बैडमिंटन की ट्रेनिंग होती है। लगातार अभ्यास और फिटनेस पर ध्यान उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है।
वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भारत के लिए उतरेंगे
अब Jagsher के सामने सबसे बड़ा मौका World Junior Badminton Championships में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। प्रतियोगिता 5 से 17 अक्टूबर तक काहिरा, मिस्र में आयोजित होगी।
पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव Ritin Khanna ने Jagsher को उनकी चयन उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इस चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वह पंजाब के एकमात्र खिलाड़ी हैं।
अब नजर गोल्ड मेडल पर
विश्व स्तर की इस प्रतियोगिता में जगह बनाने के बाद Jagsher की नजर अब पदक पर है। वह वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं।
उनकी कहानी सिर्फ एक युवा खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि कम उम्र में घर से दूर रहकर लगातार मेहनत करने, परिवार के त्याग और वर्षों की ट्रेनिंग की भी कहानी है।
