5 अक्टूबर 2026 मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन अब और तेज होने जा रहा है। दिल्ली में गठबंधन से जुड़े विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर अपना विरोध जारी रखते हुए आने वाले दिनों में कई स्तरों पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
दिल्ली में INDIA ब्लॉक के घटक दलों ने 7 अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने के साथ-साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली में संयुक्त प्रदर्शन की तैयारी
दिल्ली की INDIA ब्लॉक इकाइयों के प्रतिनिधियों की बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस, RJD, CPI, CPI(M), CPI(ML), RSP, All India Forward Bloc और तृणमूल कांग्रेस सहित कई दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के बाद विपक्षी दलों ने तय किया कि 7 और 8 अक्टूबर को दिल्ली के अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा 7 अक्टूबर को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा।
CEC के इस्तीफे की मांग
INDIA ब्लॉक के दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है।
दिल्ली कांग्रेस महासचिव अनिल भारद्वाज ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग
विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम प्रभावित हुए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाना चाहिए।
INDIA ब्लॉक का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन ने अपने आंदोलन को जिला स्तर से लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय तक ले जाने की योजना बनाई है।
6 अक्टूबर को भी संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
INDIA ब्लॉक के सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने वाले हैं। यह मार्च गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का हिस्सा है।
इसके बाद दिल्ली की अलग-अलग इकाइयां स्थानीय स्तर पर भी प्रदर्शन करेंगी। विपक्षी दलों का उद्देश्य SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े अपने सवालों को व्यापक रूप से उठाना है।
7 और 8 अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन
दिल्ली में 7 और 8 अक्टूबर को जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई है। INDIA ब्लॉक के दलों का कहना है कि आंदोलन को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा ताकि मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखा जा सके।
इसके साथ ही 7 अक्टूबर को मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा।
नवंबर में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी
INDIA ब्लॉक का आंदोलन केवल अक्टूबर तक सीमित नहीं रहने वाला है। दिल्ली की विपक्षी इकाइयों ने नवंबर में भी बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है।
5 नवंबर? Wait. According to the latest report, दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय, कश्मीरी गेट के बाहर 7 नवंबर को बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई है। यह प्रदर्शन INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन से पहले किया जाएगा।
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ा टकराव
SIR को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दल प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनावी सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अयोग्य, मृत या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना बताया गया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
आगे और तेज हो सकता है आंदोलन
INDIA ब्लॉक ने संकेत दिया है कि अगर उसकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विपक्षी दल अन्य गैर-NDA दलों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल 6 अक्टूबर के सांसदों के मार्च, 7 अक्टूबर के संयुक्त प्रदर्शन और 7-8 अक्टूबर के जिला स्तर के विरोध कार्यक्रम पर सबकी नजर रहेगी।
निष्कर्ष: CEC ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया को लेकर INDIA ब्लॉक का विरोध अब दिल्ली में संगठित रूप ले रहा है। गठबंधन ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर मार्च, 7 अक्टूबर को संयुक्त प्रदर्शन और 7-8 अक्टूबर को जिला स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है। विपक्षी दल CEC के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया वापस लेने और मतदाता सूची को पारदर्शी तरीके से संशोधित करने की मांग कर रहे हैं।
