18 मई 2026 : वीजा दिलाने और विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर 1.83 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक इमिग्रेशन कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पर कई लोगों से विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने का वादा कर बड़ी रकम लेने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रकम लेने के बावजूद न तो वीजा प्रक्रिया पूरी की गई और न ही पैसा वापस किया गया।
पंजाब पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ितों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच में वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर लोगों को आकर्षक नौकरी, विदेश में बसने और जल्दी वीजा मिलने के सपने दिखाकर अपने जाल में फंसाता था।
विशेष जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल था और क्या किसी बड़े नेटवर्क का भी संबंध है।
कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को अक्सर फर्जी एजेंटों और अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क का निशाना बनाया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले एजेंसियों की वैधता, सरकारी पंजीकरण और दस्तावेजों की सही जांच करना बेहद जरूरी है।
पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच जरूर करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस मामले के बाद कई अन्य पीड़ितों के भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी के खिलाफ और सख्त नियम बनाए जाएं ताकि युवाओं को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
फिलहाल, आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि विदेश भेजने और वीजा प्रक्रिया के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता कितनी जरूरी है।
