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पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं छूटना चाहिए: डीएस मंगत

9 सितंबर 2026:  पंजाब में मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया के बीच रोल ऑब्जर्वर और वरिष्ठ IAS अधिकारी डीएस मंगत ने होशियारपुर में चुनावी प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने राजनीतिक दलों, बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) और मतदाताओं से अपील की कि संशोधित मतदाता सूची तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से बाहर न हो।

मंगत, जो लोकपाल के सचिव भी हैं, ने मंगलवार को होशियारपुर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी आशिका जैन भी मौजूद रहीं।

SIR प्रक्रिया की समीक्षा

बैठक के दौरान डीएस मंगत ने जिले में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि SIR की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची तैयार करते समय पात्र नागरिकों के नाम सुरक्षित रहें और किसी वास्तविक मतदाता का नाम केवल दस्तावेजों की कमी या किसी प्रक्रियागत समस्या के कारण न हटे।

नोटिस पाने वाले मतदाता समय पर जमा करें दस्तावेज

डीएस मंगत ने उन मतदाताओं से भी अपील की जिन्हें SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाताओं को निर्धारित समय के भीतर मांगे गए आवश्यक दस्तावेज संबंधित चुनाव अधिकारियों के पास जमा कराने चाहिए, ताकि उनकी आपत्तियों और दावों का निपटारा किया जा सके।

चुनाव प्रक्रिया के अनुसार दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 12 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 8 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

राजनीतिक दलों और BLAs की भी जिम्मेदारी

रोल ऑब्जर्वर ने राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंटों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को सफल बनाने में BLAs की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने स्तर पर भी मतदाता सूची की जांच करें और यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने की आशंका हो तो समय रहते संबंधित अधिकारियों के सामने मामला रखें।

मंगत ने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।

चुनाव अधिकारियों को भी दिए निर्देश

बैठक के दौरान डीएस मंगत ने चुनाव अधिकारियों से कहा कि वे SIR प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी तरीके से पूरा करें। विशेष रूप से बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के काम पर ध्यान देने और मतदाताओं से जुड़े मामलों का समय पर समाधान करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को SIR या मतदाता सूची से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क कर सकता है।

ऑनलाइन भी जमा किए जा सकते हैं फॉर्म

मतदाता SIR से जुड़े आवश्यक फॉर्म Election Commission of India के Voter Services Portal के माध्यम से जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

प्रशासन की ओर से मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी जानकारी और जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची में उनका नाम सही तरीके से दर्ज रह सके।

सैला खुर्द और टूटोमजारा के बूथों का भी दौरा

बैठक के बाद डीएस मंगत ने सैला खुर्द और टूटोमजारा स्थित मतदान केंद्रों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां दावे और आपत्तियों से जुड़े काम की समीक्षा की और चुनाव कर्मचारियों से बातचीत कर प्रक्रिया की जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने यह भी देखा कि मतदाताओं की ओर से उठाए जा रहे मामलों को किस तरह संभाला जा रहा है और चुनाव कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम कर रहे हैं या नहीं।

राजनीतिक दलों ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में कांग्रेस, बीजेपी, सीपीआई (एम), शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे कार्यों की सराहना की और SIR प्रक्रिया को पूरा करने में सहयोग देने का भरोसा दिया।

मतदाता समयसीमा का रखें ध्यान

SIR प्रक्रिया में मतदाताओं के लिए निर्धारित समयसीमा काफी महत्वपूर्ण है। जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, उन्हें मांगे गए दस्तावेज समय पर जमा कराने चाहिए। वहीं, जिन मतदाताओं को अपनी जानकारी में किसी गलती की आशंका है, वे संबंधित चुनाव कार्यालय से संपर्क कर उसे ठीक कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

डीएस मंगत का जोर इस बात पर रहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाया जाए तथा किसी भी पात्र नागरिक का नाम केवल दस्तावेज या प्रक्रियागत कारणों से न छूटे।

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