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हिसार पुलिस ने नशा तस्करों की 2.09 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की

14 सितंबर, 2026 :  हरियाणा के हिसार जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हिसार पुलिस ने पिछले आठ महीनों के दौरान नशा तस्करों से जुड़ी करीब 2.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई नशे के कारोबार से होने वाली अवैध कमाई पर रोक लगाने और ड्रग नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से की गई है।

NDPS Act के तहत की गई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, नशा तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई NDPS Act की धारा 68-F के तहत की गई है। इस प्रावधान के तहत नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

हिसार पुलिस ने पिछले आठ महीनों में ऐसी संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उनके अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक स्रोतों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

2.09 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज

हिसार पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जिले में नशा तस्करों से संबंधित 2.09 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। इनमें उन संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लिया जा रहा है, जिनके बारे में पुलिस को संदेह है कि उन्हें नशे के कारोबार से होने वाली कमाई से हासिल किया गया है।

पुलिस का मानना है कि नशे का कारोबार केवल नशीले पदार्थों की बिक्री तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके पीछे आर्थिक नेटवर्क भी काम करता है। ऐसे में इस नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाना नशे के कारोबार को कमजोर करने का महत्वपूर्ण तरीका है।

नशे के खिलाफ तीन स्तर पर रणनीति

हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि नशे के कारोबार से निपटने के लिए पुलिस ने तीन स्तरों पर रणनीति अपनाई है। इसमें नशा तस्करों को गिरफ्तार करना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और अवैध कमाई के स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।

एसपी के मुताबिक, पुलिस का उद्देश्य केवल छोटे स्तर पर नशे की सप्लाई करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि उन नेटवर्क को भी कमजोर करना है जो इस अवैध कारोबार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हैं।

अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों की पहचान की जा रही है। ऐसी संपत्तियों के संबंध में उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड की जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि संपत्तियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले समय में ऐसी और संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई है।

आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार करने की कोशिश

नशे के कारोबार में पैसा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिस के मुताबिक, यदि नशा तस्करों की अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई की जाती है तो इससे पूरे नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल सकती है।

इसी रणनीति के तहत हिसार पुलिस ने संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की है। पुलिस का मानना है कि नशे के कारोबार से होने वाली कमाई के रास्ते बंद होने से तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा।

कार्रवाई का दायरा आगे बढ़ाने की तैयारी

हिसार एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। पुलिस ऐसे मामलों में उपलब्ध रिकॉर्ड और संपत्तियों की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

इससे संकेत मिलता है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान आने वाले समय में केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अवैध कमाई से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्ती

हरियाणा में नशे के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। हिसार में 2.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। पुलिस का जोर नशे की सप्लाई रोकने के साथ-साथ उन आर्थिक संसाधनों पर कार्रवाई करने पर भी है, जिनके सहारे यह अवैध कारोबार चलता है।

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