20 जून 2026 : आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन सेवा शुरू करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को आवारा पशुओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक आसान और त्वरित माध्यम उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के अनुसार, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु अक्सर यातायात बाधित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। कई स्थानों पर किसानों और स्थानीय निवासियों को भी इनसे परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई हेल्पलाइन के माध्यम से लोग ऐसी समस्याओं की जानकारी सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकेंगे।
हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक फोन के माध्यम से आवारा पशुओं की मौजूदगी, सड़क पर बाधा, दुर्घटना की आशंका या अन्य संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही आवारा पशुओं के प्रबंधन और पुनर्वास की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती शहरी आबादी और पशुओं के खुले में छोड़े जाने के कारण यह समस्या कई क्षेत्रों में गंभीर होती जा रही है। ऐसे में तकनीक और हेल्पलाइन आधारित व्यवस्था नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद कर सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन की औपचारिक शुरुआत और उससे जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। उम्मीद है कि इस पहल से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान में सहायता मिलेगी।
