20 जून 2026 : भारतीय कृषि विरासत, ग्रामीण परंपराओं और खेती-किसानी की समृद्ध संस्कृति पर आधारित एक विशेष पुस्तक हाल ही में XI कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) को भेंट की गई। इस अवसर पर कृषि इतिहास, ग्रामीण जीवन और भारत की पारंपरिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर चर्चा की गई।
पुस्तक में देश की कृषि परंपराओं, किसानों के योगदान, ग्रामीण जीवनशैली और कृषि से जुड़े सांस्कृतिक पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इसके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को भारत की समृद्ध कृषि विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की पहचान लंबे समय से कृषि प्रधान देश के रूप में रही है। कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। ऐसी पुस्तकों के माध्यम से कृषि विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है।
XI कोर के अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देश की कृषि परंपराओं और ग्रामीण मूल्यों को समझना और संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने पुस्तक को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि विरासत पर आधारित साहित्य न केवल किसानों के योगदान को सम्मान देता है, बल्कि युवाओं को भी कृषि और ग्रामीण विकास के महत्व से अवगत कराता है। इससे समाज में कृषि के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना मजबूत होती है।
यह पुस्तक भारत की पारंपरिक कृषि प्रणालियों, स्थानीय ज्ञान, ग्रामीण संस्कृति और खेती से जुड़े ऐतिहासिक विकास को उजागर करती है। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र की ऐतिहासिक यात्रा और वर्तमान चुनौतियों को समझने का अवसर भी मिलता है।
