20 जुलाई 2026 : आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके माइग्रेशन (स्थानांतरण) संबंधी दावे पर संबंधित अधिकारियों को तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की ओर से दलील दी गई कि उनका माइग्रेशन दावा लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण उन्हें प्रशासनिक और सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारी कर्मचारियों के दावे पर लागू नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आदेश तय समय के भीतर पारित किया जाए।
इस फैसले को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे को लेकर कर्मचारियों ने न्यायालय का रुख किया था।
हालांकि, हाईकोर्ट ने दावे के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल संबंधित प्राधिकरण को तीन महीने के भीतर कानून के अनुसार उचित निर्णय लेने का निर्देश
