27 जून 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर विवाद बढ़ गया है। गुरुग्राम पुलिस ने दावा किया है कि जिन फॉरेंसिक लैब्स के नाम पर मुख्यमंत्री को ‘क्लीन चिट’ देने वाली रिपोर्ट सामने आई थी, वे वास्तविक रूप से मौजूद नहीं हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, Sentinel Lab और Cyberian Labs नाम की संस्थाओं के कोई भौतिक कार्यालय नहीं मिले और उनके पास सरकारी मान्यता होने की भी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से इस संबंध में जानकारी मिली है।
फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप
मामला उस समय सामने आया जब एक कथित वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप लगाया गया कि वीडियो की जांच के नाम पर ऐसी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें इसे गलत या AI-जनरेटेड बताया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि वे किसी वास्तविक फॉरेंसिक लैब से जुड़े नहीं थे।
जांच के दायरे में कई पहलू
पुलिस अब दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित रिपोर्ट किसके कहने पर तैयार की गई और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले से जुड़े तकनीकी सबूतों और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
राजनीतिक विवाद तेज
इस मामले ने पंजाब की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों ने जांच की मांग उठाई है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया है कि मामले में राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल गुरुग्राम पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट कैसे तैयार हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
