24 जुलाई 2026 : मोहाली में विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से भूमि का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा और अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन सर्वे के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों का उच्च-रिजॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र तैयार किया जाएगा। इससे भूमि की वास्तविक स्थिति, सीमाओं, निर्माणों और अन्य विवरणों का सटीक आकलन किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में विवादों की संभावना भी कम होगी।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
ड्रोन तकनीक के उपयोग से भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे अधिग्रहण से पहले प्रत्येक भूखंड की सही जानकारी उपलब्ध होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और प्रभावित भूमि मालिकों को भी स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
विकास परियोजनाओं को मिलेगा लाभ
GMADA विभिन्न आवासीय, व्यावसायिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन सर्वे से सड़क, आवासीय सेक्टर, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों की योजना बनाने में अधिक सटीकता आएगी।
आधुनिक तकनीक पर सरकार का जोर
राज्य सरकार और GMADA प्रशासन भूमि प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। ड्रोन सर्वे को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे समय की बचत होगी और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ड्रोन सर्वे का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई शीघ्र शुरू की जा सके।
