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चूड़धार के जंगल में रास्ता भटके पंजाब-हरियाणा के 4 श्रद्धालु, पुलिस ने सुरक्षित किया रेस्क्यू

14 सितंबर, 2026  हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चूड़धार क्षेत्र में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब पंजाब और हरियाणा से आए चार श्रद्धालु जंगल में रास्ता भटक गए। श्रद्धालुओं के रास्ता भटकने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू किए गए लोगों में हरियाणा का एक दंपती और पंजाब के दो युवक शामिल हैं। ये सभी चूड़धार चोटी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में वे सही मार्ग से भटक गए और अंधेरा होने के बाद उनके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।

चूड़धार से लौटते समय भटके श्रद्धालु

चारों श्रद्धालु चूड़धार पीक की यात्रा पर गए थे। वापसी के दौरान जंगल के रास्ते में उन्हें सही मार्ग नहीं मिला। चूड़धार क्षेत्र में कई हिस्सों में घना जंगल और कठिन पहाड़ी रास्ते होने के कारण अंधेरा होने के बाद रास्ता तलाशना चुनौतीपूर्ण हो गया।

स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मदद की सूचना दी। इसके बाद शिमला पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी तलाश शुरू की।

रात में शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

श्रद्धालुओं के जंगल में फंसने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने रात के समय ही तलाश अभियान चलाया। अंधेरे और पहाड़ी इलाके की चुनौती के बावजूद पुलिस ने चारों श्रद्धालुओं का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी चार श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

हरियाणा के दंपती और पंजाब के दो युवक शामिल

रेस्क्यू किए गए चार लोगों में हरियाणा से आया एक दंपती और पंजाब के दो युवक शामिल थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सभी लोग चूड़धार की यात्रा के बाद वापस लौट रहे थे।

रास्ता भटकने के बाद उन्हें अंधेरे में जंगल से बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी। समय पर पुलिस की मदद मिलने से किसी बड़ी घटना को टाला जा सका।

चूड़धार की यात्रा में सावधानी जरूरी

चूड़धार पीक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ट्रैकिंग स्थलों में शामिल है। यह समुद्र तल से करीब 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बाहरी हिमालय की प्रमुख चोटियों में माना जाता है। यहां हर साल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

हालांकि, चूड़धार का रास्ता कई जगहों पर कठिन और जंगलों से होकर गुजरता है। मौसम में अचानक बदलाव, कम रोशनी और रास्ते की जानकारी नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिस ने सुरक्षित पहुंचाया

रात के समय रेस्क्यू किए गए चारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालुओं को समय रहते सहायता मिल गई।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि चूड़धार जैसे पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में यात्रा करते समय निर्धारित रास्ते पर चलना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।

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