19 जुलाई 2026 : हरियाणा में इस वर्ष पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और किसानों तक कृषि विभाग की सलाह सीधे पहुंचाने के लिए सरकार ने ने डिजिटल नेटवर्क तैयार करने का फैसला किया है।रूप कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राज्य के सभी जिला उप कृषि निदेशकों (डीडीए) को निर्देश जारी कर राज्य, जिला, ब्लॉक और नोडल स्तर पर वॉट्सएप समूह गठित करने को कहा है।
यह पूरी व्यवस्था हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट 2026-27 के तहत लागू की जाएगी। विभाग का उद्देश्य किसानों तक पराली प्रबंधन, कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी तेजी से पहुंचाकर खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को न्यूनतम करना है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार राज्य स्तर पर एक समूह बनाया जाएगा, जिसमें सभी जिला उप कृषि निदेशक, सहायक कृषि अभियंता व मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक बनेंगे वॉट्सएप समूह
प्रदेश में पराली प्रबंधन के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और किसान स्तर तक स्थायी वॉट्सएप समूह बनाए जाएंगे। जिला समूह में कृषि विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी और केवीके वैज्ञानिक शामिल होंगे, जबकि प्रत्येक नोडल अधिकारी 100 किसानों का समूह बनाएगा। किसानों को तकनीक, सि योजनाएं और प्रचार सामग्री भेजी जाएगी व समूह का कोई सदस्य पराली न जलाए, इसकी जिम्मेदारी नोडल अधिकारी की होगी। सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड ऑडिट के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
