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लुधियाना में फर्जी GST रजिस्ट्रेशन का एक भंडाफोड़: जांच में खुला जालसाजी का खेल

लुधियाना 07 जून 2026 महानगर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंककर बोगस फर्में रजिस्टर्ड करवाने वाले जालसाजों के खिलाफ विभाग ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में अब ‘ऑफिस ऑफ द असिस्टेंट कमिश्नर स्टेट टैक्स’ (Ludhiana) की गहन जांच के बाद शहर के टीब्बा रोड इलाके में चल रही एक और फर्जी फर्म का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत टैक्स अथॉरिटी के सामने झूठे और मनगढ़ंत तथ्य पेश करके अवैध तरीके से जीएसटी नंबर हासिल किया था। विभाग के आला अधिकारियों की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी का संगीन मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह नया मामला असिस्टेंट कमिश्नर स्टेट टैक्स, लुधियाना के कार्यालय से प्राप्त हुई शिकायत संख्या 1476/PC (दिनांक 06.06.2026) के आधार पर दर्ज किया गया है। विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपी ने गुरमेल पार्क, डिब्बा रोड (लुधियाना) के पते पर एक फैक्टरी दिखाई थी और उसके नाम पर GSTIN: 03NQEPK3150A1ZC नंबर रजिस्टर्ड करवाया हुआ था।

जब आबकारी विभाग की विशेष टीम ने इस फर्म और पते की गहराई से जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि उक्त जीएसटी रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से धोखाधड़ी और हेराफेरी करके लिया गया था। आरोपी ने रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (Registration Authority) के सामने भौतिक तथ्यों (Physical Facts) को बेहद गलत और तोड़-मरोड़ कर पेश किया था और पूरी तरह से मनगढ़ंत तरीके से कागजात तैयार कर यह टैक्स नंबर हथियाया था। इस फर्जीवाड़े का मुख्य मकसद सरकार को टैक्स का चूना लगाना था। टैक्स अधिकारियों की मुस्तैदी के बाद पुलिस ने इस बोगस फर्म के मालिक और इसमें शामिल अन्य शातिरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पुलिस इस रैकेट के पीछे छिपे मुख्य मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुट गई है।

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