28 अप्रैल 2026 : पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए निलंबित डीआईजी Bhullar और उसके सहयोगी के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के तहत एजेंसी ने राज्य में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी भी की है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, ED ने यह केस पहले से चल रही जांच के आधार पर दर्ज किया है, जिसमें आरोपी पर अवैध संपत्ति बनाने और संदिग्ध लेन-देन करने के आरोप लगे हैं। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन हुआ है, जिसकी जांच जरूरी है।
इस कार्रवाई के तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों में कुल 11 स्थानों पर छापेमारी की गई। इन छापों में आरोपी से जुड़े ठिकाने, उसके सहयोगियों के घर और कुछ कारोबारी परिसरों को भी शामिल किया गया। छापेमारी के दौरान ED की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी अब जांच की जा रही है।
ED अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जो बड़े वित्तीय नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अवैध धन को किन-किन माध्यमों से सफेद किया गया।
बताया जा रहा है कि निलंबित DIG पहले से ही विवादों में रहा है और उसके खिलाफ अन्य जांच एजेंसियां भी कार्रवाई कर चुकी हैं। ED का यह नया केस उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक आरोपी की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में ED की कार्रवाई आमतौर पर लंबे समय तक चलती है, क्योंकि इसमें वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच करनी होती है। बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य वित्तीय जानकारी को खंगालकर पूरे नेटवर्क को समझा जाता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है, जबकि कुछ इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। हालांकि, ED का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह से सबूतों के आधार पर होती है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। फिलहाल ED की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी और उन्हें समन भेजा जा सकता है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ जांच एजेंसियां लगातार सख्त कदम उठा रही हैं। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और भी अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।
