14 मई 2026 : पुणे के एक अस्पताल में टाइमर लगी बम जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में मौजूद डॉ गायकवाड ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कथित तौर पर बॉक्स को स्वयं उठाकर अस्पताल परिसर से बाहर पहुंचाया।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं तथा इलाके को सुरक्षित किया गया।
बताया जा रहा है कि संदिग्ध वस्तु मिलने के कारण मरीजों और कर्मचारियों में कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और शांत व्यवहार कई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टर की इस बहादुरी और जिम्मेदारी की सोशल मीडिया तथा स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और संदिग्ध वस्तु की वास्तविकता का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर पुणे अस्पताल की इस घटना में डॉक्टर द्वारा दिखाई गई तत्परता और साहस को लोगों ने मानवीय सेवा का बड़ा उदाहरण बताया है।
