13 मई 2026 : वी के सक्सेना ने वर्ष 2027 तक दिल्ली को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किए जाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार इस अभियान के तहत नशा तस्करी पर सख्ती, जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौती भी है।
प्रशासन की ओर से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर अवैध नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जागरूकता, परामर्श और पुनर्वास केंद्रों की उपलब्धता बढ़ाना भी बेहद जरूरी होगा।
इस पहल को लेकर दिल्ली में सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है।
कुल मिलाकर 2027 तक दिल्ली को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य प्रशासन की बड़ी सामाजिक और सुरक्षा पहल के रूप में देखा जा रहा है।
