3 जून 2026 : दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक नई योजना को मंजूरी देने की तैयारी में है। इस योजना के तहत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों की जगह बीएस-VI मानक तथा इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित योजना का लक्ष्य माल ढुलाई और वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों की संख्या बढ़ाना है। इससे प्रदूषण के स्तर को कम करने और बेहतर वायु गुणवत्ता हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत स्टेज VI उत्सर्जन मानक वर्तमान में भारत में लागू सबसे उन्नत वाहन उत्सर्जन मानकों में से एक है। यह वाहनों से निकलने वाले हानिकारक प्रदूषकों को कम करने के लिए बनाया गया है।
पर्यावरण विज्ञान के विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देने से शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है।
योजना के तहत पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और नए स्वच्छ वाहनों को अपनाने के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम दिशा-निर्देश और पात्रता शर्तें मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगी।
परिवहन अभियांत्रिकी के जानकारों का मानना है कि इलेक्ट्रिक और कम उत्सर्जन वाले वाहनों का उपयोग बढ़ने से परिवहन क्षेत्र अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग के लिए चार्जिंग अवसंरचना, रखरखाव सुविधाओं और वित्तीय प्रोत्साहनों का विस्तार भी आवश्यक होगा।
नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से वायु गुणवत्ता एक प्रमुख चिंता का विषय रही है। ऐसे में स्वच्छ परिवहन से जुड़ी यह पहल प्रदूषण नियंत्रण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
यदि योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो इससे दिल्ली-एनसीआर में वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिल सकती है।
