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दिल्ली में दुर्गा पूजा और छठ की तैयारियां तेज, 15 अक्टूबर से शुरू होगी सिंगल-विंडो मंजूरी

6 अक्टूबर 2026  दुर्गा पूजा और छठ पूजा के आगामी आयोजन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार ने राजधानी में त्योहारों के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की।

15 अक्टूबर से शुरू होगा सिंगल-विंडो सिस्टम

दिल्ली सरकार ने छठ पूजा से जुड़े आयोजनों के लिए जरूरी अनुमति और मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 15 अक्टूबर से सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। इसके जरिए अलग-अलग विभागों से जुड़ी अनुमतियों और क्लियरेंस को एक ही व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आयोजन समितियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और तैयारियों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

दुर्गा पूजा पंडालों पर रहेगी प्रशासन की नजर

दुर्गा पूजा को लेकर जिला मजिस्ट्रेटों को पंडालों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों वाले स्थानों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए CCTV कैमरे और स्कैनर लगाने पर भी जोर दिया गया है।

इसके अलावा पंडालों और कार्यक्रम स्थलों पर स्वास्थ्य टीम, मोबाइल टॉयलेट, पीने का पानी, बिजली, सफाई और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।

मूर्ति विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था

सरकार ने दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को विसर्जन के लिए विशेष गड्ढे तैयार करने और वहां पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार अस्थायी या कृत्रिम तालाब भी तैयार किए जाएंगे। मूर्ति विसर्जन के बाद बचे अवशेषों को हटाने और संबंधित स्थानों की सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी।

इस बार बड़े स्तर पर होगी छठ पूजा

बैठक के दौरान छठ पूजा की तैयारियों की भी अलग से समीक्षा की गई। सरकार ने कहा है कि इस बार छठ पूजा का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा और विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

छठ घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए पीने का पानी, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, अग्निशमन सेवाएं, मोबाइल टॉयलेट, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी। घाटों पर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था के साथ जरूरत के अनुसार मुफ्त बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

घाटों पर सुरक्षा और सफाई पर जोर

सरकार ने अधिकारियों को छठ घाटों पर साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा है। साथ ही फॉगिंग और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का लक्ष्य है कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और घाटों पर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों को आयोजन समितियों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।

रामलीला और दशहरा के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली में रामलीला और दशहरा आयोजनों को लेकर भी पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का भरोसा दिया है। रामलीला कार्यक्रम 11 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होंगे, जबकि दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

दिल्ली पुलिस ने आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था करने की बात कही है। कार्यक्रमों के दौरान यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

दिल्ली सरकार ने दुर्गा पूजा, छठ पूजा और रामलीला से जुड़े आयोजनों के लिए अलग-अलग समितियां गठित की हैं। बैठक में संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और आयोजन समितियों के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए।

सरकार का कहना है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि राजधानी में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।

कुल मिलाकर, दिल्ली में दुर्गा पूजा और छठ पूजा को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 15 अक्टूबर से छठ पूजा से जुड़े आयोजनों के लिए सिंगल-विंडो मंजूरी व्यवस्था शुरू होगी। वहीं पंडालों, घाटों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा, बिजली और यातायात की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

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