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दिल्ली कोर्ट ने इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

15 सितंबर, 2026 दिल्ली की एक अदालत ने राइट-विंग इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब इस मामले में 15 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। यह मामला जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट से जुड़ा है।

15 सितंबर को आएगा जमानत पर फैसला

दिल्ली की अदालत में सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने आदेश को 15 सितंबर तक सुरक्षित रख लिया।

भारद्वाज को इससे पहले 7 सितंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब उनकी ओर से दाखिल जमानत याचिका पर अदालत का फैसला 15 सितंबर को आने की उम्मीद है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

मामला जंतर-मंतर पर जून में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। इसी मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मामले को लेकर सामने आए विवाद के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया। अदालत में उनकी हिरासत और जमानत को लेकर सुनवाई चल रही है।

बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के बचाव पक्ष के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर दलीलें पेश कीं। वकील ने दावा किया कि गिरफ्तारी हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का परिणाम थी।

बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जून में Cockroach Janta Party (CJP) की रैली के दौरान हिंसा की शुरुआत शिकायतकर्ता की ओर से हुई थी और उसने भारद्वाज पर हमला किया था। ये दलीलें बचाव पक्ष की ओर से अदालत में रखी गईं, जिन पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है।

जातिसूचक टिप्पणी को लेकर कोर्ट का सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से यह भी सवाल किया कि क्या कथित विवाद के दौरान किसी तरह की जातिसूचक टिप्पणी की गई थी।

पुलिस ने अदालत को बताया कि शुरुआती पुलिस रिपोर्ट में ऐसी किसी भेदभावपूर्ण भाषा का उल्लेख नहीं था। हालांकि, बाद में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए एक बयान में इस तरह के आरोप सामने आए। इसके बाद मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं।

विवादित इंटरव्यू के बाद बढ़ा मामला

स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा मामला एक विवादित इंटरव्यू के बाद सार्वजनिक चर्चा में आया। रिपोर्ट के अनुसार, इस इंटरव्यू में उन्होंने कथित तौर पर जून में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किया था।

उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा था कि उनके राजनीतिक संबंधों की वजह से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बयान के बाद मामले को लेकर सार्वजनिक स्तर पर काफी प्रतिक्रिया सामने आई और पुलिस कार्रवाई की मांग तेज हुई।

अदालत के फैसले पर नजर

अब अदालत 15 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी। फिलहाल अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा है और भारद्वाज न्यायिक हिरासत में हैं।

मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। जमानत याचिका पर अदालत का आदेश इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।

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