14 अक्टूबर 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा है। बुधवार को उन्होंने विपक्ष पर इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। रेखा गुप्ता ने सवाल किया कि जब चुनाव आयोग पहले भी कई बार यह प्रक्रिया अपना चुका है, तो अब इसका विरोध क्यों किया जा रहा है?
‘पहले आवाज क्यों नहीं उठाई?’
रेखा गुप्ता ने कहा कि देश में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण पहली बार नहीं हो रहा है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग ने अलग-अलग समय पर यह प्रक्रिया अपनाई है और उस समय केंद्र या राज्य में किस पार्टी की सरकार थी, इससे इसका संबंध नहीं रहा।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि राजधानी में पिछला SIR वर्ष 2002 में हुआ था, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कांग्रेस और AAP के मौजूदा विरोध पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल राजनीतिक कारणों से इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।
कांग्रेस और AAP पर राजनीतिकरण का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP चुनावी हार के बाद SIR को लेकर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन उनके मुताबिक इस मुद्दे को राजनीतिक विरोध का रूप दिया जा रहा है।
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि AAP पहले मतदाता सूची में संशोधन के बाद दिल्ली में सत्ता में आई थी। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि यदि यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है, तो उस समय इस तरह के विरोध क्यों नहीं हुए। ये सभी मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; विपक्ष की ओर से इन दावों पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर भी सवाल
रेखा गुप्ता ने दिल्ली में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों से व्यापारियों और आम निवासियों को परेशानी हो रही है और कारोबार प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदर्शनों के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध करने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने के लिए ऐसे तरीके अपनाने चाहिए, जिनसे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो।
पंजाब की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया
रेखा गुप्ता ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए AAP पर निशाना साधा। पंजाब में AAP की सरकार है। मुख्यमंत्री ने राज्य में नशे से जुड़े अपराध और हत्या की एक हालिया घटना का हवाला देते हुए सवाल किया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठन इन मुद्दों पर पंजाब में प्रदर्शन क्यों नहीं करते।
उन्होंने ‘कॉकroach जनता पार्टी’ (CJP) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन AAP के राजनीतिक एजेंडे के अनुसार काम कर रहा है। ये टिप्पणियां रेखा गुप्ता के आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा और सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। जहां रेखा गुप्ता ने विपक्ष के विरोध को राजनीतिक बताया, वहीं SIR का विरोध कर रहे दलों और समूहों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने SIR के विरोध को लेकर कांग्रेस और AAP पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया और सवाल किया कि पहले इस प्रक्रिया का विरोध क्यों नहीं किया गया। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनों से होने वाली कथित परेशानी और पंजाब की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।
