14 अक्टूबर 2026: दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और भारत को “Pakistanified Bharat” बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले लोगों को हिरासत में क्यों लिया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर लगाए आरोप
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खुद को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताने वाले लोग अब देश में तिरंगा फहराने और लहराने वालों को गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और BJP की आलोचना की।
बनर्जी ने अपनी पोस्ट में “BJP’s new Pakistanified Bharat” टिप्पणी का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
CJP नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत
यह विवाद CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पर जंतर-मंतर में प्रवेश करने और पहले से किए गए शांति संबंधी बांड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप हैं।
जंतर-मंतर को अब आधिकारिक रूप से निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं ने हिरासत को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन
CJP के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद से जुड़ा था। आलोचकों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इससे कुछ समुदायों तथा मतदाताओं पर असमान प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम हट गए हैं, वे दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। BJP ने भी विपक्ष के आरोपों की आलोचना करते हुए कहा है कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर विरोधी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं।
विपक्ष ने हिरासत पर जताई आपत्ति
CJP नेताओं की हिरासत को लेकर अन्य विपक्षी नेताओं ने भी आलोचना की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे सहित कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए। कुछ विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तार नेताओं को कानूनी सहायता देने की बात भी कही।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पक्ष
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने कहा कि CJP नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पहले से किए गए शांति संबंधी बांड की शर्तों के उल्लंघन और जंतर-मंतर में प्रवेश से जुड़े मामले में की गई। अधिकारियों की कार्रवाई पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, लेकिन आरोपों और पुलिस के पक्ष का अंतिम आकलन कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
इस मामले ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक व्यवस्था और असहमति जताने के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।
