22 अक्तूबर 2026: राजधानी दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 245 दर्ज किया गया, जिससे हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसके साथ ही इस सीजन में पहली बार दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘Poor’ श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का AQI 179 था, जो बुधवार को बढ़कर 245 हो गया। गिरते तापमान, धीमी हवाओं और दशहरा समारोह के बाद बढ़े उत्सर्जन को प्रदूषण में वृद्धि के संभावित कारणों में शामिल किया गया है।
दिल्ली में 100 दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा AQI
दिल्ली में 21 अक्टूबर को दर्ज किया गया AQI पिछले करीब 100 दिनों का उच्चतम स्तर रहा। इससे पहले 13 जुलाई को AQI 246 दर्ज किया गया था। दशहरा समारोह के बाद राजधानी में धुंध की परत दिखाई दी और कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया।
कुछ निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में भी दर्ज की गई। इनमें पूसा, चांदनी चौक, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, पटपड़गंज, मंदिर मार्ग और विवेक विहार शामिल थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के दौरान हवा की गति कम होने और रात में तापमान संबंधी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक वातावरण में जमा होने लगते हैं। इससे दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ सकती है।
GRAP-1 लागू, प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद CAQM ने GRAP के पहले चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपाय तेज करने के निर्देश दिए हैं। इनमें निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा या जैविक पदार्थ जलाने पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी शामिल है।
इसके अलावा, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना चलने वाले वाहनों और पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। औद्योगिक इकाइयों और निर्माण गतिविधियों पर भी पर्यावरणीय नियमों के पालन की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली-NCR में दूसरे राज्यों से आने वाली अंतरराज्यीय और अंतरशहरी बसों पर भी निर्धारित नियम लागू होंगे। BS-VI मानकों से नीचे की ऐसी डीजल बसों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो इलेक्ट्रिक या CNG से संचालित नहीं होतीं।
दिल्ली मेट्रो चलाएगी 20 अतिरिक्त फेरे
प्रदूषण कम करने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है।
नगर निगम ने भी धूल प्रभावित सड़कों की गहरी सफाई, निर्माण स्थलों की निगरानी और मलबे के अवैध निपटान पर कार्रवाई तेज की है। निर्माण सामग्री को ढककर रखने और सड़कों पर धूल फैलने से रोकने के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पराली, वाहन और पटाखों से बढ़ा प्रदूषण का दबाव
दिल्ली की हवा खराब होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क और निर्माण स्थलों की धूल तथा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं शामिल हैं।
दशहरा समारोह के दौरान रावण दहन और पटाखों से निकले प्रदूषक कणों ने भी प्रदूषण के स्तर में योगदान दिया हो सकता है। हालांकि, प्रदूषण में हुई पूरी वृद्धि को किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के वायु गुणवत्ता संबंधी आकलन के अनुसार, दिल्ली में स्थानीय उत्सर्जन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पराली जलाने का योगदान मौसम और हवाओं की दिशा के अनुसार बदल सकता है।
आने वाले दिनों में भी खराब रह सकती है हवा
मौसम और वायु गुणवत्ता संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक हवा खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। तापमान में गिरावट और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषकों का फैलाव सीमित रहने की आशंका है।
ऐसे में लोगों को प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने, अनावश्यक निजी वाहन यात्राओं से बचने और संभव होने पर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। सांस संबंधी परेशानी महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना भी जरूरी है।
