22 सितंबर 2026: दिल्ली में न्यायिक अधिकारियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के लिए कुल 244 नए सरकारी आवास बनाए जाएंगे। इन दोनों आवासीय परियोजनाओं पर कुल लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। योजना का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ उन्हें उनके प्रमुख कार्यस्थलों के नजदीक आवास उपलब्ध कराना है।
सूरजमल विहार में जजों के लिए 84 आवास
पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में न्यायिक अधिकारियों के लिए 84 सरकारी आवास बनाए जाएंगे। करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 200 करोड़ रुपये है।
परियोजना में जिला जजों के लिए करीब 2,500 वर्ग फुट के आवास और सिविल जजों के लिए करीब 2,000 वर्ग फुट के आवास प्रस्तावित हैं। यह परिसर कड़कड़डूमा कोर्ट्स के नजदीक होगा, जिससे न्यायिक अधिकारियों के लिए अदालत तक आने-जाने में सुविधा हो सकती है। परियोजना को दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा लागू किया जाएगा।
बहादुरपुर में IAS अधिकारियों के लिए 160 आवास
दूसरी बड़ी परियोजना सरिता विहार के पास बहादुरपुर गांव में प्रस्तावित है। यहां IAS अधिकारियों के लिए कुल 160 सरकारी आवास बनाए जाएंगे।
इनमें 80 Type-V और 80 Type-VI आवास शामिल होंगे। परियोजना को व्यय वित्त समिति से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अनुमानित लागत 319.72 करोड़ रुपये है।
परिसर में पार्किंग से लेकर हरित क्षेत्र तक सुविधाएं
बहादुरपुर में बनने वाले आवासीय परिसर में केवल सरकारी मकान ही नहीं होंगे, बल्कि कई जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसमें भूमिगत पार्किंग, सामुदायिक भवन, विद्युत उपकेंद्र, आंतरिक सड़कें और हरित क्षेत्र शामिल हैं।
इससे अधिकारियों को आवास के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।
30 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
बहादुरपुर परियोजना के लिए छह महीने की योजना अवधि रखी गई है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर इसे करीब 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के लिए 2026-27 में 25 करोड़ रुपये, 2027-28 में 175 करोड़ रुपये और 2028-29 में 119.72 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
सरकारी आवास की कमी दूर करने की कोशिश
दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के लिए सरकारी आवास की मांग लंबे समय से बनी हुई है। नई परियोजनाओं के जरिए सरकार आवास की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
अधिकारियों को उनके प्रमुख कार्यस्थलों के नजदीक आवास मिलने से रोजाना आने-जाने में लगने वाला समय कम होने और सरकारी तथा न्यायिक कामकाज तक बेहतर पहुंच में मदद मिल सकती है।
244 आवासों से बढ़ेगी सरकारी आवास क्षमता
दोनों परियोजनाओं को मिलाकर दिल्ली में 244 नए सरकारी आवास जुड़ेंगे। इनमें 84 आवास न्यायिक अधिकारियों के लिए और 160 आवास IAS अधिकारियों के लिए होंगे।
इन परियोजनाओं पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। आवासीय परिसरों में पार्किंग, सड़क, बिजली और हरित क्षेत्र जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
