1 सितंबर 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान बच्चों की मौतों के वास्तविक कारणों को छिपाने के लिए इंसेफेलाइटिस को ‘अज्ञात बीमारी’ बताया जाता था।
बच्चों की मौत को लेकर विपक्ष पर निशाना
CM योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप गंभीर समस्या था। बड़ी संख्या में बच्चे बीमारी की चपेट में आते थे और मौतें भी होती थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बीमारी के वास्तविक कारण और उससे होने वाली मौतों को लेकर उचित जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती थी।
‘अज्ञात बीमारी’ बताने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों की मौत के वास्तविक कारण को छिपाने के लिए इंसेफेलाइटिस को कई बार ‘अज्ञात बीमारी’ के रूप में पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि बीमारी की रोकथाम और इलाज को लेकर पिछली सरकारों के दौरान पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई।
सरकार ने उठाए कई कदम: योगी
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इसमें साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, टीकाकरण, जागरूकता और अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए।
पूर्वी यूपी में रहा है बीमारी का असर
इंसेफेलाइटिस लंबे समय से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती रही है। खासकर बच्चों में इसके गंभीर मामले सामने आते रहे हैं।
सरकार की ओर से बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
विपक्ष पर राजनीतिक हमला
CM योगी ने अपने बयान के दौरान विपक्ष की पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता दी और बीमारी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए कई स्तरों पर काम किया।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का दावा
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया गया है और गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई गई है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में बच्चों की मौतों के वास्तविक कारणों को छिपाने के लिए इंसेफेलाइटिस को ‘अज्ञात बीमारी’ बताया जाता था। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
