1 सितंबर 2026 : पंजाब के सहायता प्राप्त स्कूलों (Aided Schools) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर को ‘ब्लैक टीचर्स डे’ मनाने का फैसला किया है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें विरोध का यह रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
5 सितंबर को काला दिवस मनाने की तैयारी
शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर में शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन सहायता प्राप्त स्कूलों के कर्मचारी इस दिन काले कपड़े पहनकर या अन्य विरोध के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करने की तैयारी में हैं।
कर्मचारियों का उद्देश्य सरकार का ध्यान उनकी लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है।
लंबित मांगों को लेकर नाराजगी
सहायता प्राप्त स्कूलों के कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभिन्न सेवा संबंधी और वित्तीय मांगें उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
सरकार से समाधान की मांग
कर्मचारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान किया जाता है तो उन्हें विरोध का रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा।
शिक्षक दिवस पर विरोध का फैसला
5 सितंबर को शिक्षक दिवस होने के कारण कर्मचारियों का यह विरोध विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान का दिन है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण वे इस दिन अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
आगे आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध का दायरा आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, आंदोलन की अगली रणनीति सरकार के रुख के आधार पर तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, पंजाब के सहायता प्राप्त स्कूलों के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 सितंबर को ‘ब्लैक टीचर्स डे’ मनाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि विरोध के जरिए वे सरकार का ध्यान अपनी सेवा और वित्तीय मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
