24 जुलाई 2026 : CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन से जुड़े मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मीडिया की कुछ रिपोर्टों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना है कि उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई (Urgent Hearing) से इनकार कर दिया था, जबकि इस संबंध में कोई याचिका अदालत में दाखिल ही नहीं की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बिना किसी न्यायिक रिकॉर्ड या आधिकारिक जानकारी के इस तरह की खबरें प्रकाशित करना न्यायिक प्रक्रिया को लेकर गलत धारणा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष जब कोई याचिका प्रस्तुत ही नहीं हुई, तो सुनवाई से इनकार करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
मीडिया रिपोर्टिंग पर जताई नाराजगी
CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका से जुड़े मामलों में मीडिया को तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपुष्ट या अधूरी जानकारी के आधार पर प्रकाशित खबरें जनता को भ्रमित कर सकती हैं और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को लेकर गलत संदेश देती हैं।
न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान जरूरी
मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले की सुनवाई न्यायालय की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होती है। यदि कोई याचिका दायर ही नहीं की गई है, तो अदालत द्वारा उस पर कोई आदेश या सुनवाई संभव नहीं होती।
तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की अपील
उन्होंने मीडिया संस्थानों से अपील की कि न्यायालय से संबंधित समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन अवश्य करें और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही रिपोर्टिंग करें। उनका कहना था कि जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CJP प्रदर्शन को लेकर विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम जारी है। इसी बीच मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी को न्यायपालिका से जुड़ी रिपोर्टिंग में तथ्यपरकता और जिम्मेदारी की अहम याद दिलाने के रूप में देखा जा रहा है।
