• Fri. Jul 3rd, 2026

गुरदासपुर के स्कूलों में शतरंज क्रांति, छात्रों में बढ़ रहा खेल के प्रति उत्साह

3 जुलाई 2026 :  पंजाब के गुरदासपुर जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में शतरंज (चेस) को बढ़ावा देने की मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रयासों से बड़ी संख्या में स्कूलों में शतरंज को सह-पाठ्यक्रम गतिविधि के रूप में शामिल किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच, निर्णय लेने की क्षमता, एकाग्रता और समस्या समाधान कौशल विकसित करना है। शिक्षकों का कहना है कि शतरंज बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्कूलों में नियमित प्रशिक्षण

कई स्कूलों में छात्रों को नियमित रूप से शतरंज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्रशिक्षकों की मदद ली जा रही है और समय-समय पर स्कूल स्तर तथा जिला स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने का लक्ष्य

शिक्षा विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक छात्रों को शतरंज से जोड़ना और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है। अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती उम्र में प्रशिक्षण मिलने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

छात्रों और अभिभावकों में उत्साह

इस पहल को छात्रों और अभिभावकों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि शतरंज से बच्चों की पढ़ाई में भी एकाग्रता और विश्लेषण क्षमता बेहतर हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *