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छठ पूजा और गुलदाउदी शो के लिए नगर निगम ने खोला खजाना, दोनों आयोजनों पर खर्च होंगे कुल ₹80 लाख

31 अक्तूबर 2026: चंडीगढ़ नगर निगम ने छठ पूजा और वार्षिक गुलदाउदी शो के आयोजन के लिए कुल ₹80 लाख की राशि मंजूर की है। निगम की ओर से छठ पूजा के लिए ₹50 लाख और गुलदाउदी शो के लिए ₹30 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। इन आयोजनों के लिए राशि मंजूर होने से शहर में त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

छठ पूजा के आयोजन के लिए ₹50 लाख

नगर निगम ने छठ पूजा के आयोजन के लिए ₹50 लाख मंजूर किए हैं। छठ पूजा उत्तर भारत के कई राज्यों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। चंडीगढ़ में भी बड़ी संख्या में पूर्वांचल और बिहार से जुड़े परिवार इस पर्व को मनाते हैं।

इस दौरान श्रद्धालु सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं। व्रती नदी, तालाब या निर्धारित जलाशयों के किनारे डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। आयोजन के दौरान घाटों की व्यवस्था, साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

नगर निगम की ओर से मंजूर की गई राशि का इस्तेमाल आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और सुविधाओं के लिए किया जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

गुलदाउदी शो के लिए ₹30 लाख का बजट

नगर निगम ने वार्षिक गुलदाउदी शो (Chrysanthemum Show) के आयोजन के लिए भी ₹30 लाख मंजूर किए हैं। गुलदाउदी फूलों की विभिन्न किस्मों और रंगों को प्रदर्शित करने वाला यह कार्यक्रम शहर के प्रमुख बागवानी आयोजनों में शामिल है।

इस शो में फूलों की सजावट, अलग-अलग किस्मों का प्रदर्शन और बागवानी से जुड़ी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहती हैं। ऐसे आयोजन शहर के लोगों को प्रकृति और फूलों की विविधता से जुड़ने का अवसर देते हैं।

दोनों आयोजनों पर खर्च होंगे ₹80 लाख

छठ पूजा और गुलदाउदी शो के लिए मंजूर की गई कुल राशि ₹80 लाख है। इसमें छठ पूजा के लिए ₹50 लाख और गुलदाउदी शो के लिए ₹30 लाख शामिल हैं। दोनों आयोजनों का स्वरूप अलग है, लेकिन इनके माध्यम से शहर में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

नगर निगम की ओर से बजट मंजूर किए जाने के बाद अब आयोजन से जुड़ी तैयारियों और खर्च के विवरण पर नजर रहेगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि स्वीकृत राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार किया जाए और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।

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