27 मई 2026 : चंडीगढ़ पुलिस ने करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से लोगों को झांसा देकर बड़ी रकम हासिल करने के आरोपों का सामना कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पर निवेश, कारोबार या अन्य वित्तीय योजनाओं के नाम पर लोगों से पैसे लेने और बाद में रकम वापस न करने के आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर कई लोगों को ऊंचे मुनाफे और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच की जा रही है।
साइबर अपराध और आर्थिक अपराध से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश और ऑनलाइन वित्तीय योजनाओं के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
चंडीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में भी आरोपी के नेटवर्क और गतिविधियों की जांच की जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक अपराधों में बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
भारत में हाल के वर्षों में ऑनलाइन और निवेश आधारित ठगी के मामलों में तेजी देखी गई है, जिसके चलते पुलिस और जांच एजेंसियां सतर्कता बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचने और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि करने की सलाह दी है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आरोपी की संपत्तियों, बैंक खातों और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर सकती है।
चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
फिलहाल, आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की संख्या और कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि आर्थिक और निवेश संबंधी अपराधों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना और किसी भी योजना की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
