9 जून 2026 : Brajesh Pathak ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोपों पर आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है।
विपक्षी दलों की ओर से आरोप लगाया गया था कि पहले चंदे में अनियमितताओं के सवाल उठे और अब चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इन आरोपों के जवाब में ब्रजेश पाठक ने कहा कि संबंधित व्यवस्थाएं नियमों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के तहत संचालित की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास किसी प्रकार की ठोस जानकारी या शिकायत है, तो उसे संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हो रही हैं।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों का कहना है कि सार्वजनिक धन और श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में उठाए गए सवालों का स्पष्ट उत्तर दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, धार्मिक और आस्था से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बन जाते हैं। ऐसे मामलों में आरोप और जवाबी आरोपों का दौर लंबे समय तक जारी रह सकता है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क पेश कर रहे हैं, जबकि आम लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित आरोपों और दावों को लेकर आगे क्या स्थिति सामने आती है।
