08 फ़रवरी2026: सर्वधर्म बेअदबी रोकू कानून मोर्चा एक ऐसा समूह है जो सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों और प्रतीकों की बेअदबी (अपमान) को रोकने के लिए सख्त कानूनों की मांग कर रहा। इस मोर्चे ने पंजाब में बेअदबी की घटनाओं को रोकने और कड़े दंडात्मक कानून (जैसे उम्रकैद) पारित करने के लिए विधानसभा स्पीकर सहित राज्य के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे हैं। इस कानून को पारित करवाने के लिए पिछले 16 महीनों से 400 फुट ऊंचे टावर पर बैठकर भाई गुरजीत सिंह खालसा संघर्ष कर रहे हैं, को आज उस समय बड़ा बल मिला, जब पंजाब और हरियाणा की 21 जुझारू संगठनों ने सर्वसम्मति से 22 फरवरी से दोबारा ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ लगाने का ऐलान किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1982 में धर्म युद्ध मोर्चा पंजाब की मांगों को लेकर अमृतसर में लगाया गया था। वहीं, धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आन-बान-शान को समर्पित इस दूसरे धर्म युद्ध मोर्चे के तहत गांवों और शहरों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर पंजाबी 22 फरवरी को समाना मोर्चा पार्क में पक्का डेरा डालेंगे, जहां से 24 फरवरी को अनिश्चितकालीन हाईवे जाम करने के लिए कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में बढ़ती बेअदबी की घटनाओं से संगठन चिंतित है।
मोर्चा कोऑर्डिनेटर भाई गुरप्रीत सिंह, वरिष्ठ नेता अमतोज सिंह मान, किसान नेता इंद्रजीत सिंह घणिया, बाबा भूपिंदर सिंह गुरुद्वारा रामपुर खेड़ा साहिब, जगदीप सिंह थली, मुख्य सलाहकार तलविंदर सिंह औलख सहित अन्य जुझारू संगठनों के नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में कड़ी सजा का कानून बनाने के अपने वायदे से मुकर चुकी है। 15 जुलाई 2025 को पंजाब विधानसभा द्वारा गठित सिलैक्ट कमेटी को दिया 6 माह का समय भी समाप्त हो चुका है, लेकिन सरकार कानून लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार के इस निराशाजनक रवैये को देखते हुए और भाई गुरजीत सिंह की दिन-प्रतिदिन बिगड़ती सेहत को ध्यान में रखते हुए संगठनों ने पक्का मोर्चा लगाने का निर्णय लिया है। वहीं बैठक में यह भी निर्णय लिया कि सरकार पर कानून लागू करने का दबाव बनाने के लिए गांव-गांव प्रचार किया जाएगा और इस कार्य के लिए ग्रंथी सिंहों का सहयोग लिया जाएगा।
