17 अक्तूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 17 अक्टूबर को फ्रांस के दौरे पर रवाना होंगे। वह पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले SIAL Paris 2026 में हिस्सा लेंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद उनके विदेश दौरे का रास्ता साफ हो गया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना तथा विदेशी खरीदारों और निवेशकों के साथ व्यापारिक अवसर तलाशना है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल फ्रांस जाएगा। इस दौरे को लेकर पहले केंद्र सरकार ने राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे को मंजूरी दे दी। उस समय अदालत के विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा थी। (स्रोत: 16–17 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्टें)
SIAL Paris 2026 में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
SIAL Paris दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेलों में शामिल है। इसका आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस के पास स्थित Paris Nord Villepinte प्रदर्शनी केंद्र में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 से 21 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें खाद्य उद्योग, खुदरा व्यापार, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की भागीदारी होगी।
इस मेले में खाद्य उत्पादों के निर्माता, वितरक, आयातक और निर्यातक एक मंच पर आते हैं। यहां कंपनियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, संभावित व्यावसायिक साझेदारों से संपर्क बनाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को समझने का अवसर मिलता है।
पंजाब सरकार का लक्ष्य इस मंच का उपयोग राज्य के कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए नए बाजार तलाशने में करना है।
मार्कफेड का स्टॉल भी होगा आकर्षण
पंजाब की सहकारी विपणन संस्था मार्कफेड (MARKFED) को इस आयोजन में इंडिया पवेलियन के तहत स्टॉल आवंटित किया गया है। यह स्टॉल कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के इंडिया पवेलियन का हिस्सा है।
मार्कफेड पंजाब के कृषि उत्पादों और उनसे तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भागीदारी के माध्यम से राज्य के उत्पादों को विदेशी खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने और निर्यात की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा।
सरकारी प्रतिनिधिमंडल की योजना व्यापारिक संगठनों, आयातकों, निवेशकों और संबंधित उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बढ़ाने की है। इससे पंजाब के उत्पादों के लिए नए कारोबारी संबंध बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस दौरे से कितने नए व्यापारिक समझौते या निवेश प्राप्त होंगे, यह आगे होने वाली बातचीत और उसके परिणामों पर निर्भर करेगा।
केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट पहुंची थी सरकार
मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर राजनीतिक मंजूरी के आवेदन को अस्वीकार दिखाया गया। पंजाब सरकार के अनुसार, आवेदन में दौरे का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना बताया गया था और आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए गए थे।
राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी कि मंजूरी देने से इनकार करने के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। सरकार ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की।
दूसरी ओर, केंद्र की ओर से अदालत में सुरक्षा संबंधी चिंताओं और औपचारिक निमंत्रण को लेकर आपत्तियां रखी गईं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को पंजाब सरकार की याचिका स्वीकार कर ली और मुख्यमंत्री के दौरे को मंजूरी दे दी।
इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने अदालत के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विदेश यात्रा के लिए अदालत का रुख करने की जरूरत पर भी सवाल उठाए।
पंजाब के कृषि और खाद्य उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर
पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि और उससे जुड़े उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात से संबंधित गतिविधियां राज्य के उत्पादकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेने से उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विदेशी बाजारों की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। साथ ही, निर्यातकों को ऐसे खरीदारों से संपर्क बनाने का अवसर मिलता है जो लंबे समय तक व्यापारिक साझेदारी में रुचि रखते हैं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा इसी उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि फ्रांस में होने वाली बैठकों और प्रदर्शनी में भागीदारी से पंजाब के कृषि उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को किस प्रकार के व्यावसायिक अवसर मिलते हैं।
