22 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने अकाली नेता और पूर्व SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और SGPC नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। पन्नू ने पूछा कि चावला के खिलाफ दर्ज मामले और उनके ऊपर लगे गंभीर आरोपों को लेकर अकाली नेतृत्व की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी जा रही है।
चावला के खिलाफ दर्ज है FIR
अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ श्री आनंदपुर साहिब थाने में 21 अगस्त को FIR दर्ज की गई थी। FIR में एक महिला की ओर से यौन शोषण, धमकी और कथित रूप से गलत तरीके से बंधक बनाए जाने के आरोप दर्ज हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने भी अपना बयान दर्ज कराया है।
बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल से पूछे सवाल
बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि जब मामला कई दिनों से चर्चा में है और FIR दर्ज हो चुकी है, तो सुखबीर सिंह बादल और अकाली दल के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से सामने क्यों नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अमरजीत सिंह चावला की SGPC सदस्यता से दिया गया इस्तीफा वास्तव में स्वीकार किया गया है। पन्नू ने SGPC की कार्यप्रणाली और इस मामले में संस्था की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल किए।
SGPC की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पन्नू ने SGPC नेतृत्व से भी पूछा कि शिकायत सामने आने के बाद मामले में तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने विशेष रूप से SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी से इस पूरे प्रकरण को लेकर जवाब मांगा।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि श्री आनंदपुर साहिब स्थित SGPC की सराय में शिकायतकर्ता महिला के लंबे समय तक रहने की परिस्थितियां क्या थीं और उसे वहां रहने की सुविधा किस आधार पर मिली थी। ये सवाल पन्नू द्वारा लगाए गए आरोप और उठाए गए प्रश्न हैं, न कि अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य।
वल्टोहा और अन्य नेताओं पर भी सवाल
बलतेज पन्नू ने अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि जब अधिकांश अकाली नेतृत्व इस मामले पर चुप है, तो वल्टोहा ने शिकायतकर्ता महिला को लेकर सार्वजनिक बयान क्यों दिए और चावला का बचाव क्यों किया।
पन्नू ने कांग्रेस और भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो नेता दूसरे राजनीतिक मुद्दों पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया देते हैं, उन्हें इस मामले पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चावला ने आरोपों को बताया था झूठा
अमरजीत सिंह चावला ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। 16 सितंबर को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया था। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है और वह अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
चावला ने इसी वीडियो संदेश में SGPC सदस्यता और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा भी की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपना इस्तीफा सुखबीर सिंह बादल और SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को भेज दिया है और अदालत से अपना नाम साफ होने तक इन पदों पर वापस नहीं आएंगे।
पुलिस जांच जारी
रिपोर्टों के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। 18 सितंबर तक चावला की गिरफ्तारी नहीं हुई थी और पुलिस का कहना था कि जांच जारी है तथा सबूत जुटाए जा रहे हैं।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और चावला ने सभी आरोपों को खारिज किया है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच मामला चर्चा में
अमरजीत सिंह चावला से जुड़ा मामला अब राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है। AAP नेता बलतेज पन्नू जहां अकाली दल और SGPC नेतृत्व से जवाब मांग रहे हैं, वहीं चावला आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं।
ऐसे में मामले की आगे की जांच, पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
