11 जून 2026 : AU Small Finance Bank ने हरियाणा सरकार और संबंधित अधिकारियों पर जबरन वसूली (Forced Recovery) की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। बैंक ने इस मुद्दे को अदालत के समक्ष उठाते हुए कहा कि वसूली की प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
बैंक के अनुसार, कथित कार्रवाई के कारण उसकी शाखाओं और सामान्य बैंकिंग संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। बैंक ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि वसूली प्रक्रिया कानून और बैंकिंग नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
दूसरी ओर, संबंधित सरकारी पक्ष का कहना है कि की गई कार्रवाई वैधानिक अधिकारों और लागू नियमों के तहत की गई है। अधिकारियों का तर्क है कि सार्वजनिक हित और वित्तीय दायित्वों की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
मामला न्यायिक विचाराधीन होने के कारण अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। अदालत का अंतिम निर्णय इस विवाद की दिशा तय कर सकता है।
वित्तीय और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकों और सरकारी एजेंसियों के बीच ऐसे विवादों में कानूनी प्रक्रिया, नियामकीय प्रावधानों और वित्तीय संस्थानों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली का संतुलन महत्वपूर्ण होता है।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रख रहे हैं। अदालत के आदेश के बाद ही इस विवाद के अगले चरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
