26 मई 2026 : अमृतसर में मतदान जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे SVEEP अभियान में छात्र स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। युवा विद्यार्थियों ने लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
SVEEP यानी Systematic Voters’ Education and Electoral Participation अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक करना और मतदान प्रतिशत बढ़ाना होता है।
जानकारी के अनुसार, छात्र स्वयंसेवक रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, जागरूकता कार्यक्रमों और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचा रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत विभिन्न राज्यों और जिलों में SVEEP अभियान चलाया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, अभियान में विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं, महिलाओं और शहरी मतदाताओं को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
शिक्षाविदों का कहना है कि छात्रों की भागीदारी से ऐसे अभियानों को ऊर्जा और व्यापक पहुंच मिलती है। युवा स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
पंजाब में स्थानीय चुनावों और अन्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर प्रशासन लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
छात्रों ने पोस्टर अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक संवाद के माध्यम से लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी।
भारत में मतदान को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में माना जाता है और निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता जागरूकता अभियान चलाता रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, युवा पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
फिलहाल, अमृतसर में SVEEP अभियान के तहत कई गतिविधियां जारी हैं और प्रशासन को उम्मीद है कि इससे मतदान प्रतिशत में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने में युवाओं और छात्रों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
