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अमित शाह का सपा सरकार पर निशाना, बोले- 2013 में कानून-व्यवस्था के डर से दिल्ली में करना पड़ा था निवेश सम्मेलन

नोएडा 26 सितंबर, 2026 : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की पिछली सपा सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि 2013 में राज्य सरकार ने दिल्ली में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था, क्योंकि लखनऊ में अधिकारियों ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर सम्मेलन कराने से इनकार कर दिया था। शाह ने यहां उत्तर प्रदेश ‘इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में कहा, ”2013 का साल था। उत्तर प्रदेश की सरकार ने औद्योगिक निवेश के लिए सम्मेलन किया। आज कोई सोचेगा कि यह सम्मेलन नोएडा, काशी, लखनऊ में हुआ होगा, लेकिन उस वक्त सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा था।” उन्होंने कहा, ”जब मीडिया में इस पर सवाल किया गया तो उस वक्त उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने बेझिझक कह दिया कि लखनऊ में कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी है कि वहां कोई निवेशक आने को तैयार नहीं है। इसलिए हम दिल्ली आ गए हैं।” शाह ने कहा कि आज वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र और देश के विकास का इंजन बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार का जादू है। उत्तर प्रदेश में हुए इस परिवर्तन के कारण यह राज्य 1,000 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर सकता है। 

उन्होंने कहा, ”उत्तर प्रदेश में एक समय माफियाओं का शासन चलता था। वर्ष 2017 में यहां भाजपा की सरकार बनी, योगी आदित्यनाथ इसके मुख्यमंत्री बने और प्रदेशभर में माफियाओं को समाप्त करने का काम भाजपा की योगी सरकार ने किया। इसी कारण आज उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना।” शाह ने भारतीय अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव के संदर्भ में कहा कि भारत से इलेक्ट्रॉनिक निर्यात 2015 के मुकाबले 11 गुना बढ़ा है, जबकि 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर की गई हैं और पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि जुलाई का जीएसटी संग्ह 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा जोकि जुलाई में अब तक का सबसे अधिक संग्रह है। भारत की आर्थिक प्रगति की आलोचना के संदर्भ में उन्होंने कहा, कुछ आलोचक जीडीपी के आंकड़ों पर विवाद करते रहते हैं। जिनकी खुद की सोच ‘डेड’ है, वे जीवंतता नहीं देख सकते, वे हर जगह ‘डेड’ ही देखते हैं। शाह ने संभवतः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 31 जुलाई, 2025 को दिए गए बयान के संदर्भ में यह बात कही। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ‘भारतीय अर्थव्यवस्था बेजान है।’ और उन्होंने एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री पर अर्थव्यवस्था को बेजान बना रहे हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस देश की वृद्धि दर का अनुमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत किया।

 उन्होंने कहा कि भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की और देश सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने मारीशस, यूएई, ऑस्ट्रिया, यूरोपीय समूह के चार देशों, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए जिससे भारतीय उद्यमियों के लिए निर्यात के अवसर बढ़े हैं। शाह ने यह भी कहा कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक वृद्धि ना केवल बरकरार रखी, बल्कि उसे मजबूत भी किया। एक जिला, एक उत्पाद की पहल ने उत्तर प्रदेश के भीतर रोजगार के अवसरों का सृजन करने में मदद की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ”निवेश के माहौल की पहली शर्त है कि कानून व्यवस्था दुरुस्त हो। दूसरा अनुकूल औद्योगिक नीति बने, तीसरो सक्रिय सरकार हो और चौथा सुविधा देने का उत्साह हो। ये चारों चीजें उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, “एक समय था जब यहां के लोगों को रोजगार की तलाश में दूसरी जगह जाना पड़ता था। आज उत्तर प्रदेश के उन युवाओं को एक जिला, एक उत्पाद के कारण अपने खुद के प्रदेश में रोजगार मिल रहा है।” केंद्रीय गृह मंत्री ने भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, फिरोजाबाद के कांच के सामान, सहारनपुर के काष्ठशिल्प, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की रेशम की साड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन उत्पादों को देशभर में पहचान मिली है। शाह ने उत्तर प्रदेश की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज उत्तर प्रदेश में बनी ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान की नींद हराम कर रही है। यह बदलाव का बड़ा संकेत है। वहीं अमेठी में बनी 203 राइफल नक्सलियों और आतंकियों के खिलाफ हथियार बन गई है। उन्होंने कहा कि अपराध के पूर्व के वातावरण से अब यह प्रदेश रक्षा विनिर्माण, वाहन उत्पादन और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण में तब्दील हो चुका है। यह उत्तर प्रदेश में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ”हमारे नेता नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक स्थिरता को अपनी पहचान बनाया। उन्होंने न केवल नीतियों का निर्माण किया, बल्कि टिकाऊ रूप से उसे जमीन पर भी उतारा।

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