चंडीगढ़, 11 जुलाई 2026: मानसून की शुरुआत जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत देती है, वहीं डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर कैशलेस (नकदी रहित) इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
अमृतसर की 32 वर्षीय बलविंदर कौर ने बताया कि उन्हें तेज बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 8,400 रुपये का कैशलेस इलाज मिला। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने योजना में पंजीकरण कराने में मदद की, जिससे आर्थिक बोझ कम हुआ और वे बिना चिंता के अपना इलाज करा सकीं। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार जताया।
एक भारतीय अस्पताल के 2025 के अध्ययन के अनुसार, मानसून के दौरान भर्ती होने वाले मरीजों में डेंगू तीव्र बुखार (Acute Febrile Illness) का सबसे बड़ा कारण रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है, क्योंकि कई मौसमी बीमारियों के शुरुआती लक्षण एक जैसे होते हैं।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने मच्छरों और पानी से फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी, अस्पतालों की तैयारियों और जांच सुविधाओं को मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से आसपास पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज कुमार (एमडी मेडिसिन) ने कहा कि लोग अक्सर हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर घर पर ही इलाज करने लगते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि लगातार दो दिन से अधिक बुखार रहने, शरीर में तेज दर्द, उल्टी, पेट दर्द, खून बहना, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानसून में केवल डेंगू ही नहीं, बल्कि मलेरिया, टाइफाइड, वायरल हेपेटाइटिस और तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों का भी खतरा रहता है। शुरुआती जांच और समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के 6 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तीव्र बुखार (Acute Febrile Illness) के सबसे अधिक मामलों का इलाज किया गया। इसके अलावा मलेरिया, वायरल हेपेटाइटिस और गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीजों को भी योजना का लाभ मिला। फाजिल्का, मोगा, संगरूर, गुरदासपुर और होशियारपुर सहित कई जिलों के मरीजों ने अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही कैशलेस इलाज प्राप्त किया।
योजना के तहत मौसमी बुखार के इलाज के अलावा डायलिसिस, हृदय रोगों का उपचार, आईसीयू सेवाएं और अन्य महंगे उपचार भी कवर किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना आम बीमारियों से लेकर गंभीर आपात स्थितियों तक लोगों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान घरों और कूलरों में पानी जमा न होने दें, मच्छररोधी उपाय अपनाएं, पूरे बाजू के कपड़े पहनें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।
