5 नवंबर 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से पंजाब के लगभग 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दिवाली के तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रही है। महंगाई के मौजूदा दौर में कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना जरूरी है। इसी को देखते हुए सरकार ने महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को पहले की तुलना में अधिक महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 नवंबर 2026 से लागू होगा। इसका लाभ दिसंबर में मिलने वाली नवंबर महीने की सैलरी और पेंशन में दिखाई देगा। इससे राज्य के लाखों परिवारों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
7.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को होगा फायदा
पंजाब सरकार के इस फैसले से लगभग 7.5 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फायदा नौकरी कर रहे कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशन प्राप्त कर रहे बुजुर्गों को भी मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता उनकी सैलरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। वहीं पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत उनकी मासिक पेंशन में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। ऐसे में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से दोनों वर्गों को फायदा पहुंचेगा।
50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हुआ महंगाई भत्ता
नई घोषणा के बाद पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि वर्ष 2022 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, उस समय कर्मचारियों को 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में महंगाई भत्ते में कुल 25 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की गई है। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को लगातार आर्थिक राहत देने के सरकार के प्रयासों का पता चलता है।
इससे पहले भी पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की थी। अब एक बार फिर 3 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान करके सरकार ने कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की है।
सरकार पर पड़ेगा 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण पंजाब सरकार के खजाने पर लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करनी होगी।
हालांकि, सरकार ने कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। बढ़ती महंगाई के कारण खाने-पीने की वस्तुओं, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी चीजों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वेतन और पेंशन में अतिरिक्त राशि मिलने से कर्मचारियों और पेंशनरों को अपने घरेलू खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों की पुरानी मांगें भी बनी हुई हैं चर्चा का विषय
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बावजूद पंजाब के सरकारी कर्मचारी संगठनों की कुछ पुरानी मांगें अभी भी लंबित हैं। कर्मचारी लंबे समय से बकाया महंगाई भत्ते की किस्तों और अन्य वित्तीय लाभों को जारी करने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल नई किस्तों की घोषणा से उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को पिछले वर्षों के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान भी करना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों की अन्य मांगों में वेतन संबंधी मुद्दे, पेंशन लाभ और लंबित वित्तीय भुगतान भी शामिल हैं। ऐसे में सरकार की नई घोषणा के बाद भी कर्मचारियों की नजरें आने वाले समय में होने वाले फैसलों पर टिकी रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास और सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को समझती है और उनके हित में जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में युवाओं को रोजगार देने के प्रयासों का भी जिक्र किया।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला लगभग 7.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत लेकर आया है। नवंबर से लागू होने वाले इस फैसले का लाभ दिसंबर में मिलने वाली सैलरी और पेंशन में मिलेगा। हालांकि, अब सभी की नजरें कर्मचारियों के पुराने बकाये और अन्य लंबित मांगों पर सरकार के अगले फैसले पर रहेंगी।
