4 नवंबर 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया है कि राज्य में सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और किसी राजनीतिक सिफारिश के केवल मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने यह बात 26 जुलाई 2026 को जीरकपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने NEET-2026 में सफल पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
68 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, राज्य में सरकारी नौकरी पाने के लिए अब न तो पैसे की जरूरत है और न ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर किया जा रहा है।
मान ने बताया कि अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई उम्मीदवारों ने अपनी योग्यता के दम पर अलग-अलग विभागों में एक से अधिक बार सरकारी नौकरी हासिल की है।
सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने पास किया NEET
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि NEET-2026 में राज्य के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2022 में यह संख्या केवल 82 थी।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा, मुफ्त कोचिंग, मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग की सुविधाओं के कारण विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के प्रयासों का परिणाम है।
परीक्षा में पेपर लीक और नकल पर भी बोले CM
भगवंत मान ने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान किसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।
उन्होंने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सामने आए कथित नकल के प्रयास का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, परीक्षा के दौरान एक उम्मीदवार ने ब्लूटूथ से जुड़े उपकरण का इस्तेमाल करके नकल करने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने समय रहते इस प्रयास का पता लगा लिया और पुलिस ने कथित नकल नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
मान ने स्पष्ट किया कि उनके अनुसार यह पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि परीक्षा में नकल कराने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण, विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं और स्कूलों में आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों को फिनलैंड और भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है, ताकि वे नई शिक्षण तकनीकों और बेहतर शैक्षणिक तरीकों को अपना सकें।
मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऐसे अवसर देना है, जिनसे वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो सकें।
युवाओं को योग्यता पर भरोसा रखने का संदेश
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता हासिल करने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, लड़कियां आज शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
भगवंत मान ने दोहराया कि उनकी सरकार का लक्ष्य युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना और सरकारी भर्ती में योग्यता को प्राथमिकता देना है।
