4 नवंबर 2026 : शहर के खिलाड़ी सरताज सिंह ने तैराकी और वाटर पोलो के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में संगरूर में आयोजित ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी सरताज ने वर्ष 2012 में अंडर-11 ओपन स्टेट चैंपियनशिप से अपने खेल सफर की शुरुआत की थी। वह अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपने तैराकी कोच विनोद सांगवान को देते हैं।
संगरूर में जीता सिल्वर मेडल
पिछले महीने संगरूर में आयोजित राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में सरताज ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में दूसरा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
इससे पहले भी वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। वर्ष 2024 में मोहाली में आयोजित ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के राज्य स्तरीय मुकाबलों में उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में पहला और 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में दूसरा स्थान हासिल किया था।
वाटर पोलो में भी कई बड़ी उपलब्धियां
सरताज सिंह ने केवल तैराकी ही नहीं, बल्कि वाटर पोलो में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वर्ष 2024 में जालंधर के स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी वाटर पोलो प्रतियोगिता में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया।
वर्ष 2023 में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में आयोजित ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी वाटर पोलो प्रतियोगिता में भी वह विजेता टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा, 2022, 2023 और 2024 में लगातार तीन वर्षों तक इंटर-कॉलेज स्तर पर 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल और 4×100 मीटर मेडले रिले स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी किया पंजाब का प्रतिनिधित्व
सरताज ने वर्ष 2022 में अलग-अलग राज्यों में आयोजित चार राष्ट्रीय वाटर पोलो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इनमें असम में सीनियर नेशनल वाटर पोलो, गुजरात के राजकोट में सीनियर नेशनल गेम्स, केरल में ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी वाटर पोलो और गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स शामिल थे।
वर्ष 2021 में उन्होंने मोहाली में आयोजित ओपन स्टेट प्रतियोगिता की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया था। इसी साल उन्होंने कर्नाटक में आयोजित सीनियर नेशनल वाटर पोलो प्रतियोगिता में भी भाग लिया।
कम उम्र से ही शुरू कर दी थी प्रतियोगिताओं में भागीदारी
सरताज का खेल सफर काफी कम उम्र में शुरू हो गया था। वर्ष 2013 में जालंधर में आयोजित स्कूल स्टेट प्रतियोगिता की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2017 में जालंधर में अंडर-14 वाटर पोलो प्रतियोगिता में भी वह दूसरे स्थान पर रहे। इसी वर्ग में रूपनगर में आयोजित 4×100 मीटर मेडले रिले में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था।
वर्ष 2018 में उन्होंने पुणे में आयोजित जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद 2019 में संगरूर में ओपन स्टेट प्रतियोगिता की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया और वाटर पोलो मुकाबले में भी भाग लिया।
रोइंग प्रतियोगिता में भी आजमाई किस्मत
सरताज ने अपनी खेल गतिविधियों को तैराकी और वाटर पोलो तक सीमित नहीं रखा। इस साल उन्होंने चंडीगढ़ में आयोजित ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी रोइंग प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। इससे पहले वर्ष 2025 में चंडीगढ़ में इंटर-यूनिवर्सिटी रोइंग प्रतियोगिता में प्रदर्शन के बाद उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित सीनियर नेशनल एक्वेटिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।
सरताज सिंह की उपलब्धियां उनके लंबे खेल सफर, नियमित अभ्यास और अलग-अलग खेल स्पर्धाओं में भागीदारी को दर्शाती हैं। अब उनका लक्ष्य आने वाली प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए अमृतसर और पंजाब का नाम रोशन करना है।
